PUNJAB

Sukhbir Badal कर रहे हैं दोहरी राजनीति, पंजाब को कर रहे हैं गुमराह

Punjab Media

विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने रविवार को Sukhbir Badal पर साधा निशाना

अमृतसर, 22 फरवरी। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने रविवार को शिरोमणि अकाली दल की लीडरशिप पर निशाना साधते हुए कहा कि Sukhbir Badal अपने पिता प्रकाश सिंह बादल की तरह “दोहरी राजनीति” कर रहे हैं और पुराने रटे-रटाए भाषणों और नए दावों से पंजाब के लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

अमृतसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कुलदीप धालीवाल ने कहा कि गैंगस्टरवाद को खत्म करने के बड़े-बड़े दावे करने से पहले Sukhbir Badal को अपने पुराने रिकॉर्ड का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आप एक हलके में एक जाने-माने गैंगस्टर के परिवार के सदस्य को अपना उम्मीदवार बनाते हैं और फिर दूसरे चरण से गैंगस्टरों का सफाया करने की बातें करते हैं। यह सरासर पाखंड पंजाब के लोगों से छिपा नहीं रहेगा।

तरनतारन के चुनावों का हवाला देते हुए ‘आप’ पंजाब के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि अकाली दल ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों से जुड़े लोगों का खुलकर समर्थन किया और वोट मांगे। उन्होंने कहा कि आज वे दावा करते हैं कि वे गैंगस्टरों के घर ढहा देंगे, लेकिन कल वे उनके पारिवारिक समारोहों में शामिल हो रहे थे और उनके रिश्तेदारों को उम्मीदवार के रूप में खड़ा कर रहे थे। पंजाब सब कुछ याद रखता है।

Sukhbir Badal का परिवार ऐतिहासिक रूप से पंजाब की युवा पीढ़ी का शोषण करके बड़ा हुआ

प्रकाश सिंह बादल के कार्यकाल से समानताएं दर्शाते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि Sukhbir Badal उसी रास्ते पर चल रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि बादल परिवार ऐतिहासिक रूप से पंजाब की युवा पीढ़ी का शोषण करके बड़ा हुआ है, पहले राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे तत्वों को संरक्षण दिया और बाद में कानून व्यवस्था की स्थिति पर मगरमच्छ के आंसू बहाए। 2007 से 2017 तक अकाली-भाजपा शासन के दौरान संगठित गैंगस्टरवाद और नशे की मार की जड़ें गहरी हुईं।

कुलदीप सिंह धालीवाल ने मौजूदा सरकार को अपराध पर लेक्चर देने के लिए सुखबीर सिंह बादल की नैतिक अधिकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वही लोग जिन्होंने पंजाब को लहूलुहान होने दिया, अब इसके मुक्तिदाता बनने का नाटक कर रहे हैं। जब नशा माफिया और आपराधिक नेटवर्क फले-फूले, तब सत्ता में कौन था? पंजाब के लोग जवाब जानते हैं।

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के कामकाज के बारे में चिंता जताते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने पूछा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लापता स्वरूपों, जमीनी सौदों और वित्तीय कुप्रबंधन के बारे में सम्मानित सिख धार्मिक शख्सियतों द्वारा उठाए गए सवालों पर अकाली लीडरशिप चुप क्यों रही। उन्होंने कहा कि मंचों से चीखने की बजाय 328 लापता स्वरूपों, जमीनों की बिक्री और पवित्र संस्थाओं से जुड़े आरोपों के बारे में सवालों के जवाब दो। पंजाब स्पष्टता और जवाबदेही का हकदार है।

मालवा तक के कई परंपरागत अकाली परिवारों ने पार्टी से दूरी बना ली है

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे विवादों को सामान्य बनाने की कोशिशें सिख समुदाय की भावनाओं का अपमान हैं। उन्होंने कहा कि रोजाना के घोटालों को आम बात कैसे माना जा सकता है? यह सिर्फ राजनीति नहीं है, यह श्रद्धा और जवाबदेही का विषय है। समुदाय पारदर्शिता का हकदार है।

कुलदीप सिंह धालीवाल ने यह भी संकेत दिया कि माझे से मालवा तक के कई परंपरागत अकाली परिवारों ने पार्टी से दूरी बना ली है। उन्होंने कहा कि आज जो बचा है वह शिरोमणि अकाली दल नहीं है जो कभी जन आंदोलन का प्रतिनिधित्व करता था, बल्कि एक ‘जीजा-साला’ द्वारा चलाया जा रहा एक सीमित टोला है। पार्टी सिर्फ अस्तित्व बचाने के लिए संदिग्ध रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों को शामिल करने तक सीमित होकर रह गई है।

‘आप’ विधायक ने आगे कहा कि सुखबीर सिंह बादल ने किसानों के मुद्दों और भारत-अमेरिका व्यापारिक समझौते सहित प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दों पर चुनावी चुप्पी साधी हुई है और केंद्र में सालों तक गठबंधन और सत्ता में भागीदारी के बावजूद भाजपा लीडरशिप को सवाल करने का साहस नहीं दिखाया।

अपने संबोधन के अंत में कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि पंजाब के लोग राजनीतिक रूप से समझदार हैं और उन्हें नाटकीय भाषणों से गुमराह नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि आप डर पैदा नहीं कर सकते, आपराधिक तत्वों को संरक्षण नहीं दे सकते और फिर उन्हें खत्म करने का वादा नहीं कर सकते। पंजाब आपका चरित्र जानता है। नए ऐलान करने से पहले अपने पुराने कामों का जवाब दो।

Read This Also :- Punjab Government मार्च में लगातार पांचवां जनहितैषी पेश करेगी बजट


Punjab Media

Punjab Media

Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।

Related Articles

Back to top button