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गैंगस्टरां ते वार से कई गैंगस्टर नेटवर्कों को खत्म किया गया

Several gangster networks were dismantled through Gangsteran Te Vaar

Several gangster networks were dismantled through Gangsteran Te Vaar

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3 महीनों में 49,298 अपराधी पुलिस के शिकंजे में

चंडीगढ़; 20 अप्रैल (Punjab Media Team)। पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई ने तेज रफ्तार पकड़ ली है। भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा पूरे राज्य स्तर पर चलाए जा रहे मुख्य एंटी-गैंगस्टर अभियान गैंगस्टरां ते वार के तीन महीने पूरे हो चुके हैं। यह अभियान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की निगरानी में और डीजीपी गौरव यादव की अगुवाई में पंजाब पुलिस द्वारा चलाया जा रहा है। यह ऑपरेशन ठोस कार्रवाई का एक मॉडल बनकर उभरा है, जो भारत के अंदर और विदेशों से चल रहे गैंगस्टर नेटवर्क को निशाना बनाते हुए पंजाब को अपराध-मुक्त बनाने के स्पष्ट उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहा है।

20 जनवरी को शुरू किए गए इस अभियान का मकसद सिर्फ गैंगस्टरों को गिरफ्तार करना ही नहीं, बल्कि उनके लॉजिस्टिक नेटवर्क, फंडिंग और संचार सिस्टम को भी खत्म करना है।

पिछले तीन महीनों में 19 अप्रैल तक पंजाब पुलिस ने पूरे राज्य में 62,302 छापे मारे, जिनमें 915 भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। कुल मिलाकर 22,605 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 461 गैंगस्टरों के साथी और 22,144 वांछित मुलजिम शामिल हैं।

10,254 मुलजिमों को एहतियातन हिरासत में लिया गया

इस अभियान के तहत एहतियातन कार्रवाई पर भी काफी जोर दिया गया। कुल 10,254 मुलजिमों को एहतियातन हिरासत में लिया गया, जिनमें 444 साथी और 9,810 वांछित मुलजिम थे। इसके अलावा 16,439 लोगों की जांच करके उन्हें रिहा किया गया, जिनमें 1,277 साथी और 15,162 वांछित मुलजिम शामिल थे। कुल मिलाकर इस अभियान के दौरान 49,298 मुलजिमों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिनमें 2,182 साथी और 47,116 वांछित मुलजिम शामिल हैं। यह कार्रवाई की गहराई और विस्तार को दर्शाता है।

गिरफ्तारियों के साथ-साथ बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए गए, जिससे अपराधी नेटवर्क की कार्यक्षमता कमजोर हुई। पुलिस ने इस दौरान 408 हथियार, 148 धारदार हथियार, 1197 कारतूस, 122 मैगजीन, 2.5 किलोग्राम विस्फोटक और 6 हैंड ग्रेनेड बरामद किए।

इस अभियान ने नशा नेटवर्क पर भी बड़ा प्रहार किया। पुलिस ने 378.45 किलोग्राम हेरोइन, 301.947 किलोग्राम अफीम, 2,838.77 किलोग्राम भूक्की, 12,37,318 नशीली गोलियां, 7373.82 ग्राम नशीला पाउडर, 101.459 किलोग्राम गांजा और 790 ग्राम ‘आईईसी’ बरामद किया। इसके अलावा 1,05,31,171 रुपये की ड्रग मनी, 50,66,740 रुपये नकद और 273 ग्राम सोना भी जब्त किया गया।

गैंगस्टरां ते वार : गैंगस्टरों के लॉजिस्टिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए 4,229 मोबाइल फोन किये जब्त

अवैध व्यापार पर लगाम लगाते हुए पुलिस ने 24,520.25 लीटर अवैध शराब भी जब्त की, जिसमें 10,984.75 बोतलें और 176 पेटियाँ शामिल हैं। गैंगस्टरों के लॉजिस्टिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए 4,229 मोबाइल फोन, 815 वाहन और 31 ड्रोन बरामद किए गए।

एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के एडीजीपी प्रमोद बान ने कहा, ‘यह अभियान सिर्फ गैंग या उनके नेटवर्क की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य उन्हें जड़ से खत्म करना है। हर पुलिस कर्मचारी राज्य के नागरिकों की सुरक्षा और भलाई के लिए इस अभियान को और तेज करने के लिए वचनबद्ध है। इस दौरान हर जिले, गांव और शहर में स्थानीय गैंगस्टर नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘तीन महीनों में इस अभियान ने बड़ी सफलता हासिल की है। अब सिर्फ गैंगस्टर ही नहीं, बल्कि उनके समर्थक भी कार्रवाई से डर रहे हैं। पुलिस की सक्रिय भूमिका और गिरफ्तारियों तथा बरामदगियों का स्तर इस अभियान की सफलता को दर्शाता है।’

गैंगस्टरां ते वार: विश्वसनीय सूचना पर इनाम देने के लिए एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन

नशों के खिलाफ चल रहे अभियान से प्रेरणा लेते हुए पंजाब सरकार ने इस मुहिम को संगठित अपराध पर एक व्यापक प्रहार के रूप में तैयार किया है। इस ऑपरेशन में अपराधियों की ट्रैकिंग और निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित आधुनिक तकनीकों को शामिल किया गया है। साथ ही नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने और विश्वसनीय सूचना पर इनाम देने के लिए एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन (93946-93946) भी शुरू की गई है।

एडीजीपी प्रमोद बान ने कहा, ‘अब पंजाब पुलिस के पास ‘गैंगस्टरों पर वार’ ऑपरेशन के माध्यम से अपराधियों को तेजी से ट्रैक करने के लिए व्यापक डेटा मौजूद है। पंजाब में ‘गैंगस्टर कल्चर’ के लिए कोई जगह नहीं है और पुलिस इसे सुनिश्चित करने के लिए वचनबद्ध है। इस ऑपरेशन ने कई मामलों को सुलझाने में मदद की है और अन्य राज्यों में अपराधों में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी भी सुनिश्चित की है। इन गिरोहों के नेटवर्क और फंडिंग को काफी हद तक प्रभावित किया गया है और यह अभियान आगे भी और अधिक सतर्कता के साथ जारी रहेगा।’

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