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Donation Theft Case में इस्तीफे, गिरफ्तारी, एसआईटी-एफआईआर सिर्फ दिखावा: केजरीवाल

Resignations, arrests, SIT, and FIRs in the donation theft case are merely a charade Kejriwal.
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नई दिल्ली/गोवा, 3 जुलाई। (Punjab Media Team)। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर से जुड़े कथित Donation Theft Case के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। गोवा में आयोजित प्रेसवार्ता में केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में हुई इस्तीफे, गिरफ्तारी, एसआईटी गठन और एफआईआर जैसी कार्रवाई केवल लोगों को गुमराह करने के लिए की गई है, जबकि असली जिम्मेदारों को बचाया जा रहा है।

केजरीवाल ने कहा कि गोवा समेत पूरे देश के लोगों ने भगवान राम के मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धा के साथ खुलकर दान दिया था, लेकिन अब मंदिर से जुड़े कथित घोटालों और चढ़ावे की चोरी की खबरों ने करोड़ों राम भक्तों की भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने दावा किया कि मंदिर में चढ़ाए गए आभूषण, चांदी की ईंटें, चांदी के दीये और करोड़ों रुपये की नकदी के गायब होने जैसी बातें सामने आ रही हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कथित अनियमितताओं की शुरुआत वर्ष 2021 में जमीन खरीद से हुई, जब मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई जमीनों को बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदा गया। केजरीवाल ने कहा कि इस तरह श्रद्धालुओं के दान की रकम का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के ठेकों में कमीशनखोरी हुई और बाद में चढ़ावे की चोरी के मामले भी सामने आए।

राम मंदिर Donation Theft Case पर केजरीवाल का मोदी सरकार पर बड़ा हमला, सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार की देखरेख में हुआ और उसके प्रमुख सदस्यों का चयन भी प्रधानमंत्री की जानकारी में हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इतने बड़े स्तर पर कथित अनियमितताएं हुईं तो प्रधानमंत्री को इसकी जानकारी कैसे नहीं मिली। उन्होंने यह भी दावा किया कि मामले को दबाने और सबूत मिटाने की कोशिश की जा रही है।

एसआईटी की जांच पर सवाल उठाते हुए केजरीवाल ने कहा कि बिना विधिवत एफआईआर के गठित एसआईटी प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सकती। उनके अनुसार, जांच एजेंसी के पास न तो छापेमारी, न समन जारी करने और न ही गिरफ्तारी की पर्याप्त कानूनी शक्तियां हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में गठित जांच समितियों की तरह यह जांच भी केवल समय बिताने का माध्यम बन जाएगी।

आप प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि दर्ज की गई एफआईआर में केवल छोटे कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है, जबकि कथित बड़े जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि देश की जनता जानना चाहती है कि कथित घोटाले के वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई कब होगी। केजरीवाल ने लोगों से इस मुद्दे पर आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। Donation Theft Case

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