चंडीगढ़, 16 जून:
पंजाब सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए Registration Certificates (RC) और Driving Licences (डीएल) के पंजीकरण और नवीनीकरण के अधिकार क्षेत्रीय अधिकारियों को सौंप दिए हैं। इस कदम का उद्देश्य Registration Certificates और Driving Licences पंजीकरण तथा नवीनीकरण के वर्षों से लंबित बैकलॉग कार्य को पूरा करना है और आम जनता को बड़ी राहत प्रदान करना है।
पंजाब के Cabinet Minister Laljit Singh Bhullar ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के नागरिक एक निर्धारित प्रक्रिया अपनाकर इस राहत का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने बताया कि अब आवेदक अपने पुराने वाहन और ड्राइविंग लाइसेंस को ऑनलाइन करवा सकते हैं और संबंधित दस्तावेजों का नवीनीकरण करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पुराने आरसी और डीएल के नवीनीकरण से संबंधित दस्तावेजों की स्वीकृति और उनका ऑनलाइन न होना एक बड़ी बाधा बना हुआ था।
मंत्री ने बताया कि पंजाब के सभी पंजीकरण अधिकारियों और लाइसेंसिंग अधिकारियों को एक लिखित पत्र के माध्यम से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं और बैकलॉग को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जो दस्तावेज केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की शर्तों को पूरा नहीं करते हैं, उन्हें राज्य परिवहन आयुक्त के कार्यालय द्वारा 24 मई, 2024 को जारी पत्र की शर्तों के अनुसार निपटाने के लिए कहा गया है।
स. भुल्लर ने बताया कि आरसी और डीएल के बैकलॉग के संबंध में एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट से सत्यापित हलफनामा लिया जाएगा। इस हलफनामे में बैकलॉग के माध्यम से ऑनलाइन कराने, अवधि, श्रेणी, मैनुअल जारी करने वाले प्राधिकरण, कर भुगतान और कोई बकाया न होने तथा सभी जानकारी के सही होने संबंधी प्रविष्टि करनी होगी।
Registration Certificates: फैसले से आम जनता को मिलेगी बड़ी राहत; निर्धारित प्रक्रिया अपनाकर नागरिक ले सकेंगे लाभ: लालजीत भुल्लर
परिवहन मंत्री ने बताया कि आरसी के बैकलॉग को ऑनलाइन करते समय, जिस वाहन पर पंजीकरण नंबर लगा है, उसका मोटर वाहन निरीक्षक द्वारा चेसिस और इंजन नंबर के पूरे विवरण के साथ भौतिक जांच रिपोर्ट भी अपलोड करना अनिवार्य होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि आरसी बैकलॉग करते समय विभिन्न व्यक्तियों के वाहन हस्तांतरण रिकॉर्ड भी अपलोड किए जाएं, ताकि पिछले मालिकों का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखा जा सके। Registration Certificates
स. भुल्लर ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस के बैकलॉग के संबंध में, आवेदन मूल प्राधिकरण के माध्यम से किया जा सकेगा। डीलिंग स्टाफ कार्यालय रिकॉर्ड से पहले और बाद में जारी किए गए लाइसेंस की प्रमाणित/सत्यापित प्रति को सारथी सॉफ्टवेयर में अपलोड करेगा, जिसके बाद लाइसेंसिंग प्राधिकरण द्वारा उसे अनुमोदित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान लाइसेंस की मूल प्रति और जन्म/पते के प्रमाण भी अपलोड करना अनिवार्य होगा।
मंत्री ने बताया कि बैकलॉग के कार्य को पारदर्शी ढंग से पूरा करने के लिए विभाग का एक स्थायी कर्मचारी आवेदक द्वारा प्रस्तुत ड्राइविंग लाइसेंस/आरसी से संबंधित बैकलॉग की प्रविष्टि कार्यालय में दर्ज करेगा, उसे परिवहन पोर्टल पर सत्यापित करेगा, और इसके बाद संबंधित प्राधिकरण द्वारा उसे अनुमोदित किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी गलत प्रविष्टि की पूरी जिम्मेदारी संबंधित पंजीकरण और लाइसेंसिंग प्राधिकरण की होगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि आरसी और डीएल बैकलॉग अनुमोदन की दैनिक रिपोर्ट मुख्यालय को निर्धारित प्रोफार्मा में भेजी जाए।
- अनुसूचित जाति भाईचारे के परिवारों को बड़ी राहत
- पाकिस्तान-आईएसआई को संवेदनशील जानकारी लीक करने के दोष गिरफ़्तार
Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।

