मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को विधान सभा में वित्त मंत्री हरपाल चीमा द्वारा पेश किए बजट 2024-25 की सराहना करते हुए कहा कि यह ‘रंगला पंजाब’ बनाने की दिशा की तरफ बढ़ता हुआ कदम है। यहाँ जारी एक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जीरो टैक्स’ बजट में सभी मुख्य क्षेत्रों जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, बुनियादी ढांचा, उद्योग, खेल, सामाजिक सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों की तरफ विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है जो राज्य के विकास के लिए नए राह खोलेगा। उन्होंने कहा कि पहली बार राज्य का बजट दो लाख करोड़ रुपए के पार कर गया है। यह राज्य सरकार जन सेवाओं की ओर बढ़ता हुआ कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2012-17 के दौरान आठ फीसद और 2017-22 दौरान छह फीसद की सालाना विकास दर के मुकाबले राजस्व कर 13 फीसद रहा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पंजाब को ‘रंगला पंजाब’ बनाने का वादा किया था और इस मंतव्य के लिए सरकार की तरफ से मुख्य क्षेत्रों जैसे बेहतर शासन, शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
कृषि और सहायक गतिविधियों के लिए 13,784 करोड़
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में कृषि और सहायक गतिविधियों के लिए 13,784 करोड़ रुपए आरक्षित किए गए हैं। सीएम मान ने कहा कि किसानों को गेहूँ, धान के चक्कर में से बाहर निकालने के लिए अलग-अलग फसली विभिन्नता स्कीमों के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 575 करोड़ रुपए आवंटन किए गए हैं। उन्होंने कि वित्त वर्ष 2024-25 में कृषि के लिए बिजली सब्सिडी के लिए 9 330 करोड़ रुपए आवंटन किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर और मुक्तसर जिलों को लाभ पहुँचाने के लिए लगभग 1,78, 000 एकड़ क्षेत्रफल को कवर करने के उद्देश्य के साथ नया मालवा नहरी प्रोजैक्ट बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे जमीन निचले पानी पर निर्भरता घटेगी और खरीफ सीजन के दौरान ब्यास-सतलुज दरिया के पंजाब के हिस्से के पानी का उचित प्रयोग किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार शिक्षा क्षेत्र के लिए वित्त वर्ष 2024-25 में 16, 987 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है जो कि कुल खर्च का लगभग 11.5 प्रतिशत है।
स्कूल आॅफ एमिनेंस के लिए 100 करोड़ रुपए
उन्होंने कहा कि राज्य में 100 करोड़ रुपए स्कूल आॅफ एमिनेंस के लिए रखे गए हैं जबकि शिक्षा के क्षेत्र को और बढ़ावा देने के लिए स्कूल आॅफ ब्रिलियनज और स्किल एजुकेशन प्रदान करने के लिए ‘स्कूल आफ अप्लाईड लर्निंग’ और विद्यार्थियों की समूचे विकास के लिए स्कूल आफ हैपीनैस्स के लिए 10-10 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने कहा कि लोगों को मानक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 5264 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।
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