चंडीगढ़, 18 अगस्त (Punjab Media Team)। पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मंगलवार को राज्य सरकार की साढ़े चार साल की शिक्षा प्रगति रिपोर्ट पेश करते हुए दावा किया कि भगवंत मान सरकार ने सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 2,300 करोड़ रुपये का निवेश किया है। Harjot Singh Bains ने कहा कि इन प्रयासों के चलते पंजाब ने नीति आयोग की 2026-27 रिपोर्ट में स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में केरल को पीछे छोड़ते हुए बेहतर प्रदर्शन किया है।
पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बैंस ने कहा कि वर्ष 2022 से अब तक 3.64 लाख विद्यार्थी निजी स्कूलों से निकलकर सरकारी स्कूलों में दाखिल हुए हैं। उनके अनुसार, यह सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों और विद्यार्थियों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि सरकार के सत्ता संभालने के समय राज्य की शिक्षा व्यवस्था में बुनियादी सुविधाओं की कमी थी। उनके मुताबिक, हजारों स्कूलों में उचित शौचालय नहीं थे, लाखों विद्यार्थी फर्श पर बैठकर पढ़ने को मजबूर थे और कई स्कूलों में पीने के पानी तथा चारदीवारी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं।
पंजाब के स्कूलों में बड़ा बदलाव, 9,000 नए क्लासरूम और 13,920 शौचालय- Harjot Singh Bains
Harjot Singh Bains ने बताया कि सरकार ने अब तक 13,920 नए शौचालय और 9,000 से अधिक क्लासरूम व लैब बनाए हैं। विद्यार्थियों के लिए 2 लाख बेंच उपलब्ध करवाए गए हैं, जबकि 10,000 से अधिक क्लासरूम में इंटरैक्टिव पैनल लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि 5,012 स्कूलों को एडवांस्ड कंप्यूटर लैब से अपग्रेड किया गया है और सभी सरकारी स्कूलों को वाई-फाई से जोड़ा गया है। 99.9 प्रतिशत स्कूलों में चारदीवारी होने का भी दावा किया गया।
शैक्षणिक उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बैंस ने कहा कि सरकारी स्कूलों के नीट-यूजी पास विद्यार्थियों की संख्या 2021 में 80 से बढ़कर 2026 में 882 हो गई है। पिछले चार वर्षों में सरकारी स्कूलों के 786 विद्यार्थियों ने जेईई और 2,166 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की है। इस साल 361 विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स और 64 ने जेईई एडवांस्ड परीक्षा उत्तीर्ण की।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के कौशल विकास के लिए प्रिंसिपलों को सिंगापुर, प्राथमिक शिक्षकों को फिनलैंड और मुख्य अध्यापकों को आईआईएम अहमदाबाद प्रशिक्षण के लिए भेजा गया। वहीं, स्कूलों में सुरक्षा और रखरखाव के लिए कैंपस मैनेजर, सुरक्षा गार्ड और सफाई फंड की व्यवस्था की गई है।
पंजाब में AI शिक्षा का विस्तार, बिजनेस ब्लास्टर्स को मिले ₹29 करोड़
बैंस ने बताया कि पंजाब पहली से 12वीं कक्षा तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्य विषय के रूप में शुरू करने वाला पहला राज्य बना है। ‘बिजनेस ब्लास्टर्स’ कार्यक्रम के तहत 2.30 लाख विद्यार्थियों को व्यावसायिक अनुभव दिया गया और सरकार ने 29 करोड़ रुपये की सीड मनी उपलब्ध करवाई।
उन्होंने कहा कि सरकार ने निजी स्कूलों की फीस वृद्धि को अधिकतम 5 प्रतिशत तक सीमित किया है तथा सरकारी स्कूलों के 15,000 से अधिक विद्यार्थियों के लिए मुफ्त बस सेवा शुरू की गई है।
बाढ़ से प्रभावित स्कूलों का जिक्र करते हुए बैंस ने कहा कि 500 गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त स्कूलों की विश्व बैंक के सहयोग से मरम्मत करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में पंजाब के स्कूलों को ऐसी स्थिति में पहुंचाना है, जहां किसी भी बुनियादी सुविधा की कमी न रहे।
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