चंडीगढ़, 31 जुलाई (Punjab Media Team)। पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब पुलिस ने भिवानी के एक मास्टरमाइंड द्वारा संचालित हरियाणा आधारित अंतरराज्यीय नकल सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर दिया है, जिसने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (बीएफयूएचएस), फरीदकोट की फार्मेसी भर्ती परीक्षा में अत्याधुनिक तकनीक के जरिए नकल (Cheating Gang) कराने की कोशिश की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पेपर लीक नहीं, बल्कि संगठित परीक्षा धोखाधड़ी का मामला है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से पंजाब पर लगाए जा रहे पेपर लीक के आरोप पूरी तरह निराधार साबित हुए हैं। बैंस ने दोहराया कि भगवंत मान सरकार किसी भी कीमत पर पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को बदनाम नहीं होने देगी और राज्य को “उड़ता पंजाब” से “पढ़ता पंजाब” बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पेडा कॉम्प्लेक्स में आयोजित प्रेस वार्ता में शिक्षा मंत्री ने कहा कि पंजाब की परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शिता और योग्यता पर आधारित है, जबकि हरियाणा में वर्षों से सक्रिय Cheating Gang पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त हैं, लेकिन विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा के लिए आवश्यक कदम नहीं उठा सके। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने जिस नेटवर्क का पर्दाफाश किया, उसकी कड़ियां हरियाणा के भिवानी से जुड़ी मिलीं। उनके अनुसार, यह गिरोह प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थियों से आवेदन भरवाकर माइक्रो-चिप युक्त संशोधित के-33 मोबाइल फोन, गुप्त वायरलेस ईयरपीस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए Cheating Gang करवाता था। गिरोह का मास्टरमाइंड भिवानी का निवासी है और वर्षों से ऐसी गतिविधियां संचालित कर रहा था।
हरियाणा के Cheating Gang का पर्दाफाश, पंजाब सरकार का कड़ा संदेश
हरजोत सिंह बैंस ने पंजाब की शिक्षा उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य लगातार राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में सरकारी स्कूलों के 361 विद्यार्थियों ने जेईई (मेन) और 64 ने जेईई (एडवांस्ड) परीक्षा उत्तीर्ण की, जबकि नीट उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 2024 के 437 से बढ़कर 2026 में 882 हो गई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में यह संख्या 80 से भी कम थी, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुधारों का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने यह भी बताया कि परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग भविष्य में ब्लॉकचेन तकनीक के उपयोग की संभावनाओं पर भी काम कर रहा है।
प्रेस वार्ता के दौरान आईजीपी नीलांबरी जगदले ने स्पष्ट किया कि यह पेपर लीक का मामला नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर संचालित एक तकनीक आधारित परीक्षा धोखाधड़ी रैकेट है। उन्होंने बताया कि अब तक 10 हैंडलरों और 25 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कुल 13 हैंडलरों की पहचान हुई है। पुलिस ने फरीदकोट में बनाए गए अस्थायी कंट्रोल रूम पर छापा मारकर छह हैंडलरों को रंगे हाथ पकड़ा। कार्रवाई के दौरान 38 संशोधित के-33 मोबाइल फोन, 21 गुप्त वायरलेस ईयरपीस और दो वाहन बरामद किए गए। जांच में किसी भी परीक्षा केंद्र के कर्मचारी, अधिकारी या पर्यवेक्षक की संलिप्तता सामने नहीं आई।
उन्होंने बताया कि तीन हैंडलर और चार अभ्यर्थी अभी भी फरार हैं तथा पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में लगातार छापेमारी जारी है। आईजीपी ने दोहराया कि पंजाब पुलिस परीक्षा में Cheating Gang और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है तथा विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
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