निजी अस्पतालों ने चांदी कूट लोगों की कमर तोड़ी
- विधायक संदीप जाखड़ ने विधानसभा में उठाया मुद्दा
अबोहर। रैफर अस्पताल के नाम से सुप्रसिद्ध अबोहर का सिविल अस्पताल हमेशा अपनी खामियों के चलते चर्चा में रहता आया है। उधर इससे राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार के चलते भी बेहतरीन इलाज के दावे बिल्कुल खोखले साबित होते नजर आते है। डॉक्टरों की कमी कहें तो इसका फायदा यहां के निजी अस्पताल बड़े स्तर पर चांदी कूट लोगों पर आर्थिक बोझ बनकर उनकी कमर तोड़ने में कोई कसर नही छोड़ते।
इसी वजह से अबोहर के मौजूदा विधायक संदीप जाखड़ ने विधानसभा में अबोहर के सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि अगर डॉक्टर ही नहीं है तो फिर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का दावा सरकार का झूठा ही है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्प्ताल में एनथीसिया रोग विशेषज्ञ न होने के कारण आॅपरेशन नहीं हो रहे व सिजेरियन केसों को रेफर कर दिया जाता है।
गांवों के लोगों को भी परेशानी
अबोहर के 100 बिस्तरों वाले सरकारी अस्प्ताल में डॉक्टरों की कमी पिछले लंबे समय से चली आ रही है जिस कारण अबोहर ही नहीं आसपास के गांवों के लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि सरकारी अस्पताल में शहर के अलावा आसपास के करीब 60 से अधिक गांवों के लोग यहां अपना इलाज करवाने के लिए आते है, लेकिन अस्पताल में विशेषज्ञ न होने से मरीजों को बाहर प्राइवेट डॉक्टरों की शरण में जाना पड़ता है।
इनमें बच्चों व गायनी विशेषज्ञ प्रमुख है। यहां भी उल्लेखनीय है कि सरकारी अस्प्ताल में वह लोग भी अधिकतर आते है जो बाहर से इलाज करवाने में असमर्थ होते है। अबोहर के सरकारी अस्पताल में पिछले लंबे समय से डेंटल स्पेशलिस्ट का पद खाली है। इसके अलावा करीब 6 महीने से अधिक समय से बच्चों के माहिर डॉ. का पद भी खाली है।
इसके अलावा गायनी स्पेशलिस्ट का पद भी पिछले करीब एक साल से खाली पड़ी है। इन सबके अलावा एनथीसियां विशेषज्ञ का पद भी खाली है जबकि सप्ताह में दो दिन डेपूटेशन पर एनथीसिया विशेषज्ञ आकर अस्पताल का काम चला रहे है। एनथीसिया रोग विशेषज्ञ नियमित न होने से आपरेशन व सिजेरियन का काम प्रभावित हो रहा है।
‘आप’ सरकार में हुई कई डॉक्टरों की नियुक्ति
‘आप’ के हल्का इंचार्ज अरुण नारंग ने कहा कि सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के बारे दो दिन पहले ही स्वास्थ्य मंत्री से बात की है व जल्द ही जो कमी है वह भी पूरी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि आप सरकार के समय अबोहर के सरकारी अस्पताल में वर्षो से खाली पड़े स्किन स्पेशलिस्ट का पद भरा गया है।
इसके अलावा नेत्र रोग विशेषज्ञ का पद भी खाली था जहां डॉक्टर की तैनाती की गई है। इसी तरह एक सर्जन का पद भी पद भी भरा है। इसके अलावा हाल ही में टीबी व छाती रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति भी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि मरीजों को अब कोई भी दवा बाहर से नहीं खरीदनी पड़ती सभी दवाइयां सरकारी अस्पताल से ही मिलती है।
अबोहर के सरकारी अस्पताल में नहीं ये विशेषज्ञ:
डेंटल स्पेशलिस्ट करीब 2 साल से खाली है तो वहीं गायनी स्पेशलिस्ट करीब एक साल से, चाइल्ड रोग विशेषज्ञ करीब 6 महीने से तथा एनथीसिया विशेषज्ञ का पद करीब एक साल से खाली पड़ा है।
मौजूदा डॉक्टरों की सूची
- सर्जन 2
- टीबी रोग विशेषज्ञ 1
- एमडी मेडीसीन 1
- स्किन स्पेशलिस्ट 1
- ईएनटी स्पेशलिस्ट 1
- ओरथो स्पेशलिस्ट 1
- आंखों का स्पेशलिस्ट 1
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