चंडीगढ़, 31 अक्टूबर (Punjab Media Team)। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज स्पष्ट किया कि हमारी सरकार लोगों की सेहत और वातावरण को प्रदूषण की भेंट नहीं चढ़ने देगी। उन्होंने घोषणा की कि लुधियाना के Buddha Nala की लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी हल खोजना सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल है। पर्यावरण प्रेमी और राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल की अगुवाई में विशेष उच्च स्तरीय कमेटी की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक जल स्रोत को पुरातन रूप में बहाल करने के लिए 15 दिनों के भीतर व्यापक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए ताकि ठोस और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
Buddha Nala की मौजूदा स्थिति की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अगुवाई करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार इस ऐतिहासिक जल स्रोत को प्रदूषण मुक्त करने और इसकी पुरातन शान बहाल करने के लिए दृढ़ संकल्प है। उन्होंने कहा, “पंजाब के लोगों का स्वच्छ पानी और प्रदूषण मुक्त वातावरण पर पूरा अधिकार है। ये कोई रियायतें नहीं, बल्कि हर नागरिक के मौलिक अधिकार हैं और इनके साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार लोगों की सेहत और वातावरण को प्रदूषण की भेंट नहीं चढ़ने देगी।”
Buddha Nala को प्रदूषण मुक्त कर पुरानी शान बहाल करेगी सरकार
इस लंबे समय से लटक रही समस्या को हल करने के लिए निर्णायक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने एक विशेष उच्च स्तरीय कमेटी के गठन की घोषणा की, जिसमें पर्यावरण प्रेमी और राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल, सचिव स्थानीय निकाय, उद्योग विभाग के प्रतिनिधि, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लुधियाना पुलिस, डेयरी कॉम्प्लेक्स के दो प्रतिनिधि और अन्य संबंधित भागीदार शामिल होंगे।
कमेटी को 15 दिनों के भीतर अपनी व्यापक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “Buddha Nala की समस्या को आरजी कदमों या ऊपरी स्तर के सुधारों से हल नहीं किया जा सकता। इसलिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ एक व्यापक और स्थायी हल की जरूरत है। कमेटी को समस्या के हर पहलू की जांच करने और ठोस उपायों की सिफारिश करने के लिए स्थानीय निवासियों, उद्योगपतियों, डेयरी क्षेत्र के प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श करना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि गैर-जिम्मेदाराना तरीकों से फैले प्रदूषण की कीमत पंजाब के लोगों से नहीं वसूली जा सकती। उन्होंने कहा कि Buddha Nalaके दूषित होने से जन स्वास्थ्य और वातावरण पर गंभीर असर पड़ रहा है, जिसके कारण इसकी संभाल और बहाली लुधियाना और आस-पास के क्षेत्रों के लिए बेहद जरूरी हो गई है।
बुद्धा नाला समस्या के समाधान के लिए CM मान ने तय की समयसीमा
समयबद्ध तरीके से इस समस्या को हल करने की सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरकारी विभागों, औद्योगिक इकाइयों और अन्य सभी हितधारकों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि अन-सुधारित कचरा और प्रदूषण साडे जल स्रोतों में न जाए। कमेटी को सिर्फ समस्याओं की पहचान करने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ऐसे व्यावहारिक, लागू करने योग्य और समयबद्ध उपायों की सिफारिश करनी चाहिए, जो एक स्थायी हल दे सकें।”
पंजाब को एक स्वच्छ, हरा-भरा और स्वस्थ प्रदेश बनाने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल स्रोतों की संभाल करना सिर्फ सरकार की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हम सभी की साझी जिम्मेदारी है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ Buddha Nala की मौजूदा स्थिति और प्रदूषण को खत्म करके इस जल स्रोत को बहाल करने के लिए जरूरी कदमों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।
इस मौके पर सांसद बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, सी.एम.डी. पावरकॉम गुरकीरत किरपाल सिंह, सचिव जल स्रोत कृष्ण कुमार, सचिव वातावरण और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के.के. यादव, सचिव स्थानीय निकाय घनश्याम थोरी, सचिव कृषि अर्शदीप सिंह थिंद, डिप्टी कमिश्नर लुधियाना हिमांशु जैन, पुलिस कमिश्नर लुधियाना स्वप्न शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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