महामारी बनता मोटापा | Obesity
आज के लोगों की अस्वस्थ जीवनशैली के कारण उत्पन्न बीमारियों में से सबसे बड़ी बीमारी Obesity है। आजकल यह बीमारी दुनिया में एक महामारी बनती जा रही है। भारत में अनेक लोग मोटापा के शिकार हैं। मोटापे की वजह से इन दिनों अधिकतर लोग परेशान है, हर कोई वजन घटाने के लिए तरह तरह के नुस्खे जिम, दवाईयाँ और पता नहीं क्या-क्या करने को उतारु हो जाते हैं। इस विषय में शाह सतनाम जी सुपर स्पैशलिटी अस्पताल, सरसा के बीएनवाईएस डा. गुरप्रीत सिंह ने बताया कि शरीर में मोटापा बढ़ने को अधिकतर लोग इग्नोर कर देते हैं।
उन्हें लगता है कि उसकी त्वचा पर अतिरिक्त मोटी परत होना कोई बड़ी बात नहीं है, किंतु इसके कई गंभीर परिणाम हो सकते हैं जैसे छोटे-छोटे कार्यों को करने में सांस फूलना तथा पसीना आना, आवश्यकता से ज्यादा या कम सोना, थोड़ा सा चलने पर सांस में रूकावट पैदा होना या सांस तेजी से चलना, शरीर के अलग-अलग हिस्सों में सूजन होना इत्यादि। मोटापा और शरीर का वजन बढ़ना, ऊर्जा के सेवन और ऊर्जा के उपयोग के बीच असंतुलन के कारण होता है।
मोटापा क्यों बढ़ता है? | Obesity
मोटापा बढ़ने का सबसे आम कारण है लम्बे समय तक जितनी कैलोरी आप रोज खाते हैं, उससे कम दैनिक गतिविधि और व्यायाम में बर्न करते हैं। समय के साथ, यह अतिरिक्त कैलोरी जमा हो जाती हैं, जो वजन बढ़ने का कारण बनती हैं।
- जेनेटिक्स, जो प्रभावित करता है कि आपका शरीर भोजन को ऊर्जा में कैसे बदलता है और वसा को कैसे स्टोर करता है
- बढ़ती उम्र, जिससे मांसपेशियां और उपापचय दर कम हो सकती है।
- पर्याप्त नींद नहीं लेने से हार्मोनल परिवर्तन हो सकते हैं जिससे भूख जरुरत से ज्यादा बढ़ जाती है।
- स्त्रियों में गर्भावस्था के दौरान बढ़ा वजन कम करना मुश्किल हो सकता है।
- कुछ दवाइयां, जिनको लेने के साथ-साथ आप आहार और सक्रियता में परिवर्तन नहीं लाते, तो उससे आपका वजन बढ़ सकता है।
मोटापा कम कैसे करें:
प्रतिदिन 20 से 30 मिनट तक पैदल चलना, तैरना, या साइकिल चलाना जैसे मध्यमों को प्रतिदिन करने से आपके शरीर में जमा अतिरिक्त कैलोरी व फैट घटना शुरु हो जाएंगे। साथ ही आप नियमित रूप से व्यायाम, फल, सब्जियाँ, साबुत अनाज, और प्रोटीन युक्त पौष्टिक खाद्य पदार्थों का चयन करें।
आजमाएं ये घरेलू नुख्से | Obesity
ल्ल मोटापा कम करने के लिए दालचीनी का सेवन लगभग 200 मि.ली. पानी में 3-6 ग्राम दालचीनी पाउडर डालकर 15 मिनट तक उबालें। गुनगुना होने पर छानकर इसमें एक चम्मच शहद मिला लें। सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले पिएं। दालचीनी एक शक्तिशाली एंटी-बैक्टीरियल है, जो नुकसानदायक बैक्टीरिया से छुटकारा दिलाने में मदद करती है।
अदरक-शहद का प्रयोग करें
- लगभग 30 मि.ली. अदरक के रस में दो चम्मच शहद मिलाकर पिएं।
- अदरक और शहद शरीर की चयापचय क्रिया को बढ़ाकर अतिरिक्त वसा को जलाने का काम करते हैं।
- अदरक अधिक भूख लगने की समस्या को भी दूर करता है, तथा पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है।
नींबू और शहद का उपयोग | Obesity
- एक गिलास पानी में आधा नींबू, एक चम्मच शहद एवं एक चुटकी काली मिर्च डालकर सेवन करें।
- काली मिर्च में पाइपरीन नामक तत्व मौजूद होता है।
- यह नई वसा कोशिकाओं को शरीर में जमने नहीं देता है।
- नींबू में मौजूद एसकोरबिक एसिड शरीर में मौजूद क्लेद को कम करता है।
- शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है।
सेब के सिरके का सेवन
- एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका और एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर सेवन करें।
- इनमें मौजूद पेपटिन फाइबर से पेट को लम्बे समय तक भरा होने का एहसास होता है।
- यह लिवर में जमे फैट को घटाने में मदद करता है।
इलायची का सेवन
रात में सोते समय दो इलायची खाकर गर्म पानी पीने से वजन कम करने में सहायता मिलती है। इलायची पेट में जमा फैट को कम करती है, तथा कोर्सिटोल लेवल को भी नियंत्रित रखती है।
सौंफ का सेवन
- 6-8 सौंफ के दानों को एक कप पानी में पाँच मिनट तक उबालें।
- इसे छानकर सुबह खाली पेट गर्म -गर्म ही पिएँ।
- इससे अधिक भूख लगने की समस्या से राहत मिलेगी तथा खाने की इच्छा कम होगी।
आंवला लाभदायक
इसमें प्रचुर मात्रा में विटामीन-सी पाया जाता है, जो एक उत्तम एंटी-ओक्सीडेंट है। यह शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। यह मेटाबोलिज्म बढ़ाने और कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
इन फलों का करें सेवन
जठराग्नि को बढ़ाने वाले भोजन जैसे कि अदरक, पपीता, करेला, जीरा, सरसों, सौंफ, अजवायन, काली मिर्च, सोंठ, पिप्पली, सहजन, पालक, चौलाई आदि पत्तेदार सब्जियां लौकी, तोरई, परवल, बींस, सलाद, पत्ता गोभी, खीरा, ककड़ी, गाजर, चुकंदर, सेब आदि लेने चाहिएं। जई, जौ, बाजरा, रागी, मूंग दाल, मसूर, आंवला, नींबू, शहद, हल्दी, एलोवेरा जूस, आंवला जूस, ग्रीन टी, स्टीम किये हुये अंकुरित अनाज आदि का भी सेवन करना चाहिए।
मौसमी फल व सब्जियों का सेवन
जिस स्थान में व जिस मौसम में जो फल एवं सब्जियां पैदा होती है उनमें से अपनी प्रकृति के अनुसार खाना चाहिए जैसे कि ठण्डी जगहों एवं ठण्डे मौसम में गर्म तासीर वाले भोज्य पदार्थ तथा गर्म जगहों एवं मौसम में ठण्डी तासीर वाले भोजन खाने चाहिएं।
जीवनशैली में करें सुधार
मोटापा से छुटकारा पाने के लिए आपको सबसे पहले अपनी जीवनशैली को सुधारना होगा, जो इस प्रकार है:
- सुबह सैर पर जाएं, व्यायाम करें।
- सोने से 2 घण्टे पहले भोजन करें
- रात का खाना हल्का व आराम से पचने वाला होना चाहिए।
- संतुलित और कम वसा वाला आहार लें।
- वजन घटाने के लिए आहार योजना में पोषक तत्वों को शामिल करें।
- एक साथ ज्यादा खाने की जगह थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ सुपाच्य एवं हल्का आहार लेना चाहिए।
- भोजन में हरी सब्जियाँ, फल, दही, छाछ, छिलके वाली दालें और नट्स होने चाहिए।
- वजन कम करने के लिए भोजन कभी न छोड़ें। इसकी बजाय संतुलित आहार का सेवन करें और व्यायाम करें।
हर रोज योगासन जरूर करें
- त्रिकोण आसन, भुजंगासन, सूर्य नमस्कार, ध्यान, प्राणायाम जैसे- भस्त्रिका, कपालभाती प्रतिदिन करना चाहिए।
पंचकर्म में चिकित्सक की देखरेख में लेखन वस्ति (एक तरह की एनिमा) का प्रयोग करना चाहिए तथा उदवर्तन कर्म (कुछ आयुर्वेदिक औषधियों के चूर्ण से सूखा मसाज) करवाना चाहिए।
नोट: पित्त प्रकृति के लोगों को लहसुन, अदरक, दालचीनी डॉक्टर की सलाह से लेने चाहिए।
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