चंडीगढ़, 11 जून (Punjab Media Team)। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि बहबल कलां फायरिंग केस में हुए नए खुलासों ने एक बार फिर शिरोमणि अकाली दल लीडरशिप की बेअदबी की घटनाओं और उसके बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग के लिए जवाबदेही से बचने की कोशिशों को बेनकाब कर दिया है। Special Investigation Team के सामने अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह के बयान का हवाला देते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल ने श्री अकाल तख्त साहिब की मौजूदगी में बहबल कलां फायरिंग की घटना की जिम्मेदारी ली थी और माफी मांगी थी, जिसके कारण अब उनका इससे इनकार करना उनके अपने कबूलनामे के बिल्कुल उलट है।
आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा कि पंजाब बहबल कलां और कोटकपूरा फायरिंग की घटनाओं, बेअदबी के मामलों और उस समय की अकाली-भाजपा सरकार की भूमिका को नहीं भूला है, और यह साफ कर दिया है कि जिम्मेदार लोगों को जनता और कानून के सामने जवाब देना होगा। बलतेज पन्नू ने दावा किया कि सुखबीर सिंह बादल के कबूलनामे की वीडियो रिकॉर्डिंग श्री अकाल तख्त साहिब के पास सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि सिखों की सर्वोच्च अदालत के सामने जुर्म कबूल करना और फिर सार्वजनिक रूप से इससे इनकार करना इस संस्था की गरिमा का अपमान है और उन पंजाबियों को गुमराह करने की कोशिश है जो एक दशक से ज़्यादा समय से न्याय का इंतज़ार कर रहे हैं।
गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि जब भी पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से जुड़ी घटनाएं हुईं, तब अकाली-भाजपा सरकारें सत्ता में थीं। उन्होंने आगे कहा कि न्याय के बजाय, उन सरकारों ने मामलों को दबाने और दोषियों को बचाने का काम किया।
Special Investigation Team के सामने हुए खुलासों से अकाली दल पर बढ़ा दबाव
वर्ष 1986 में नकोदर में हुई फायरिंग की घटना को याद करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के खिलाफ शांति से प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की फायरिंग में चार सिख नौजवान शहीद हो गए थे। अकाली राज में जस्टिस गुरनाम सिंह कमीशन की रिपोर्ट का एक बड़ा हिस्सा रहस्यमय तरीके से गायब कर दिया गया था ताकि सच सामने न आ सके। उस समय जो अधिकारी अहम पदों पर तैनात थे, उन्हें बाद में अकाली दल ने सीनियर पोस्ट और राजनीतिक पद दिए।
2015 की घटनाओं से तुलना करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि सच को दबाने का यही तरीका तब भी सामने आया था जब बुर्ज जवाहर सिंह वाला से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का स्वरूप चोरी हो गया था और भड़काऊ पोस्टर लगाए गए थे, जिससे सिख भावनाओं को गहरा ठेस पहुंची थी। भारी जन आक्रोश के बावजूद, उस समय की अकाली-भाजपा सरकार कोई ठोस कार्रवाई करने में नाकाम रही।
उन्होंने आगे कहा कि जब लोग बेअदबी की घटनाओं के खिलाफ शांति से प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे, तो सरकार ने न्याय देने के बजाय बल का इस्तेमाल किया। कोटकपूरा में शांति से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पानी की बौछारें, आंसू गैस और गोलियां चलाई गईं, जबकि बहबल कलां में पुलिस की गोलियों से दो बेगुनाह सिख मारे गए। सरकार ने असली दोषियों को बचाने की कोशिश की और सिख युवाओं को बेअदबी के झूठे मामलों में फंसाया, उन्हें अंधाधुंध टॉर्चर किया, जिसके बाद जनता के दबाव में उन्हें रिहा करना पड़ा।
बहबल कलां फायरिंग की जिम्मेदारी पर फिर उठे बड़े सवाल
सुखबीर सिंह बादल पर सीधा निशाना साधते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि पूर्व डिप्टी चीफ मिनिस्टर और तत्कालीन होम मिनिस्टर अपने कार्यकाल के दौरान हुई घटनाओं की जवाबदेही से बच नहीं सकते। कोटकपूरा फायरिंग मामले में Special Investigation Team द्वारा फाइल की गई चार्जशीट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कोर्ट ने भी इस घटना को हैंडल करने के तरीके पर गंभीर टिप्पणियां की हैं।
बलतेज पन्नू ने कहा कि सबसे अहम घटनाक्रम अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह का Special Investigation Team के सामने दर्ज किया गया बयान है। पूर्व जत्थेदार ने पुष्टि की कि श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेशी के दौरान सुखबीर सिंह बादल ने बहबल कलां फायरिंग घटना से जुड़ी घटनाओं की जिम्मेदारी ली थी। यह कबूलनामा श्री अकाल तख्त साहिब के सामने सबके सामने दिया गया था और इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई थी। यह रिकॉर्डिंग अभी भी श्री अकाल तख्त साहिब के रिकॉर्ड में सुरक्षित है।
अकाली दल के प्रेसिडेंट बलतेज पन्नू ने अकाली दल के स्टैंड पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सुखबीर सिंह बादल ने श्री अकाल तख्त साहिब के सामने ज़िम्मेदारी ली थी, तो अब वह पंजाब के लोगों के सामने इससे कैसे इनकार कर सकते हैं? अगर वह सच में श्री अकाल तख्त साहिब को सबसे ऊपर मानते हैं, तो वह अपने ही कबूलनामे के खिलाफ क्यों जा रहे हैं?
बेअदबी और फायरिंग मामलों में सच सामने लाने को प्रतिबद्ध सरका
उन्होंने आगे कहा कि आप श्री अकाल तख्त साहिब के सामने आकर माफी नहीं मांग सकते और यह दावा नहीं कर सकते कि कुछ हुआ ही नहीं। यह सिर्फ एक राजनीतिक विरोधाभास नहीं है, बल्कि यह उस संस्था की पवित्रता का अपमान है जिसके सामने यह जुर्म कबूल किया गया था।
आप सरकार के नज़रिए पर रोशनी डालते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने बेअदबी और फायरिंग मामलों की जांच कर रही Special Investigation Team को बिना किसी राजनीतिक दखल के आज़ादी से काम करने दिया है। पिछली सरकारों के उलट, आप सरकार ने जांच को प्रभावित करने की कोशिश नहीं की है और लोगों के सामने सच्चाई लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बलतेज पन्नू ने दावा किया कि पंजाब के लोगों ने न्याय के लिए बहुत लंबा इंतज़ार किया है। बेअदबी की घटनाओं, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी और उसके बाद की लीपापोती के लिए जो लोग ज़िम्मेदार हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, चाहे उनका राजनीतिक कद कितना भी बड़ा क्यों न हो।
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