नई दिल्ली, 17 अगस्त (Punjab Media Team)। प्रधानमंत्री Narendra Modi की ओर से सरकार के खिलाफ उठने वाली आवाजों को ‘दिमागी नक्सल’ कहे जाने पर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर सवाल उठाना, व्यवस्था में बदलाव की मांग करना और भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना देखना ‘दिमागी नक्सल’ होना है, तो वह खुद को ऐसा कहे जाने पर गर्व महसूस करते हैं।
सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में केजरीवाल ने कहा कि जो व्यक्ति बेहतर सरकारी स्कूल, अस्पताल, बिजली, पानी, सीवर और ड्रेनेज जैसी सुविधाओं की मांग करता है तथा प्रधानमंत्री Narendra Modi और भाजपा से डरता नहीं है, उसे इस सोच के मुताबिक ‘दिमागी नक्सल’ कहा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अगर शहीद भगत सिंह और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर आज जीवित होते, तो उन्हें भी इसी तरह संबोधित किया जाता।
केजरीवाल ने कहा कि वह देशभक्त हैं और अगर देश के खिलाफ कोई कुछ करेगा या बोलेगा, तो वह पूरी ताकत से उसका मुकाबला करेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि देश में व्यवस्था सुधारने और भ्रष्टाचार खत्म करने की मांग करने वालों को इस तरह का नाम देना उचित है या नहीं।
पेपर लीक, रोजगार और स्कूलों पर संजय सिंह का PM Narendra Modi पर बड़ा हमला
वहीं, आप के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी प्रधानमंत्री Narendra Modi पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि युवा और बच्चे पेपर लीक रोकने, रोजगार उपलब्ध कराने और स्कूलों की स्थिति सुधारने की मांग को लेकर आवाज उठा रहे हैं। संजय सिंह ने सवाल किया कि क्या ऐसे सवाल पूछने वाले युवाओं और बच्चों को भी ‘दिमागी नक्सल’ कहा जाएगा।
संजय सिंह ने कहा कि स्कूलों की खराब स्थिति, रोजगार और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे डरें नहीं, अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते रहें।
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में भी सवाल उठाया कि पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाने वाली जेन-जी और स्कूलों में सुधार की मांग करने वाले बच्चे क्या ‘दिमागी नक्सल’ हैं। आप नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर युवाओं और आम जनता की आवाज दबाने का आरोप लगाया है।
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