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E-20 Petrol विरोध में सड़क पर बैठे केजरीवाल, पुलिस ने मार्च रोका

Kejriwal sits on protest against E-20 petrol; police stop march.
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नई दिल्ली, 4 अगस्त: (Punjab Media Team)। E-20 Petrol के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2.33 लाख से अधिक हस्ताक्षरित याचिकाएं सौंपने के लिए निकले आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को बुधवार को दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद केजरीवाल अपने समर्थकों के साथ सड़क पर धरने पर बैठ गए। बाद में पुलिस ने याचिकाएं लेकर धरना समाप्त कराया।

केजरीवाल लगभग 100 लोगों के साथ पैदल मार्च करते हुए प्रधानमंत्री से मिलने जा रहे थे। उनका कहना था कि उन्होंने एक माह पहले ई-20 मुद्दे पर प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी गई और पुलिस ने बताया कि प्रधानमंत्री उनसे मुलाकात नहीं करेंगे।

ई-20 विवाद पर प्रधानमंत्री से मिलने निकले केजरीवाल को पुलिस ने रोका

धरने के दौरान केजरीवाल ने कहा कि E-20 Petrol देश की जनता पर जबरन थोपा जा रहा है। उनका आरोप था कि सरकार अमेरिका से इथेनॉल आयात करने के लिए दबाव में यह नीति लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को जनता की चिंता करनी चाहिए और बाहरी दबाव में फैसले नहीं लेने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ई-20 नीति वापस नहीं ली गई तो देशभर में बड़ा जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

केजरीवाल ने दावा किया कि उनकी मुहिम को जनता का व्यापक समर्थन मिला है और 2,33,238 लोगों ने ई-20 के विरोध में हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री कार्यालय चाहे तो सभी याचिकाओं का नया सेट भी भेजा जाएगा। उनके अनुसार इतनी कम अवधि में लाखों लोगों का समर्थन मिलना इस मुद्दे पर जनता की चिंता को दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि पंजाब विधानसभा पहले ही ई-20 वापस लेने के समर्थन में प्रस्ताव पारित कर चुकी है। अब आम आदमी पार्टी गुजरात, गोवा और जम्मू-कश्मीर की विधानसभाओं में भी इसी तरह का प्रस्ताव लाएगी। उनका कहना था कि भले ही इन राज्यों में प्रस्ताव पारित हो या नहीं, लेकिन पार्टी इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी।

E-20 Petrol पर विकल्प देने की मांग, इंजन नुकसान और बढ़ते खर्च का मुद्दा गरमाया

राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार ने देशहित की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि ई-20 नीति से करोड़ों वाहन मालिक प्रभावित हो रहे हैं और सरकार जनता की आवाज सुनने के बजाय विरोध को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 100 प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि ई-20 के कारण वाहन मालिकों को कम माइलेज, इंजन संबंधी समस्याओं और रखरखाव खर्च बढ़ने जैसी शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लोगों को नुकसान हो रहा है तो सरकार इस नीति को अनिवार्य रूप से क्यों लागू कर रही है।

प्रदर्शन के दौरान सौंपी गई याचिका में प्रधानमंत्री से दो प्रमुख मांगें की गई हैं। पहली, पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को सामान्य पेट्रोल और E-20 Petrol में से अपनी पसंद का विकल्प दिया जाए। दूसरी, ई-20 की कीमत उसके कम माइलेज और कम ऊर्जा क्षमता के अनुरूप घटाई जाए, ताकि उपभोक्ताओं को कथित रूप से कम गुणवत्ता वाले ईंधन के लिए समान कीमत न चुकानी पड़े।

ई-20 नीति को लेकर आम आदमी पार्टी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर देशव्यापी अभियान और विरोध कार्यक्रम जारी रहेंगे।

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