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केजरीवाल ने पेट्रोल 82 रुपये, E-20 Petrol 70 रुपये करने की मांग उठाई

Kejriwal demanded that the price of petrol be set at ₹82 and E-20 petrol at ₹70.
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नई दिल्ली, 09 जुलाई 2026 (Punjab Media Team)। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश में 102 रुपए प्रति लीटर बिक रहे ई-20 ब्लेंडेड पेट्रोल की कीमत को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि देश में शुद्ध पेट्रोल 82 रुपए प्रति लीटर मिलना चाहिए, लेकिन सरकार लोगों को 102 रुपए प्रति लीटर E-20 Petrol दे रही है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल है। इस कीमत पर पेट्रोल बनाने की लागत 42 रुपए बैठ रही है। अगर सारा टैक्स जोड़ दिया जाए तब भी 82 रुपए में शुद्ध पेट्रोल और 70 रुपए में E-20 Petrol मिलना चाहिए। इसी हिसाब से डीजल के दाम भी कम होने चाहिए। 

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के रेट का महंगाई पर सीधा असर पड़ता है। रेट कम होते ही महंगाई कम हो जाएगी। पहले भी तेल कंपनियां 77 हजार करोड़ का मुनाफा कमाई और फिर कमा रही है, लेकिन थोड़े दिन चले युद्ध का बहाना बनाकर जनता की जेब काटी जा रही है।

“आप” मुख्यालय पर प्रेसवार्ता कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल से गिरकर 70 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई में यह कुछ हद तक 115 डॉलर प्रति बैरल थी, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह 70 डॉलर प्रति बैरल है। दूसरी तरफ, हमारे देश में मई में भी E-20 Petrol की कीमत 102 डॉलर प्रति लीटर कर दी गई थी और वह अभी भी 102 रुपए प्रति लीटर ही है।

102 रुपये E-20 Petrol पर केजरीवाल का केंद्र सरकार पर तीखा सवाल

केजरीवाल कहा कि जब कच्चे तेल की कीमत कम हुई है, तो देश में पेट्रोल की कीमत भी कम होनी चाहिए। हमारी कैलकुलेशन दिखाती है कि देश में अब पेट्रोल की कीमत 82 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच जानी चाहिए या उससे भी कम होनी चाहिए। 82 रुपए में ई-20 नहीं, बल्कि प्योर पेट्रोल मिलना चाहिए।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि आज कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल है। अगर इसे एक्सचेंज रेट से गुणा करके रुपए में बदला जाए, तो कच्चे तेल की कीमत 42 रुपए प्रति लीटर बैठती है। इसके ऊपर लगने वाले चार्जेस बिना कम किए, पहले जितने ही रखे गए हैं। इनमें रिफाइनिंग, ओएमसी मार्जिन और ट्रांसपोर्ट के 9 रुपए प्रति लीटर, सेंट्रल टैक्स 12 रुपए प्रति लीटर, राज्यों का औसत वैट 25 फीसद (16 रुपए प्रति लीटर) और डीलर कमीशन 3 रुपए प्रति लीटर शामिल है। इन सबको जोड़ दिया जाए, तो देश में 82 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से प्योर पेट्रोल मिलना चाहिए। अगर इसे E-20 Petrol कर दिया जाए, तो आज 102 रुपए में मिल रहे पेट्रोल की कीमत 70 रुपए तक आनी चाहिए।

केजरीवाल ने आगे कहा कि इसी तरह डीजल की कीमतें भी कम हो सकती हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम होने से महंगाई पर बहुत बड़ी चोट होगी और लोगों को काफी राहत मिलेगी। चूंकि पेट्रोल और डीजल ट्रांसपोर्ट को प्रभावित करते हैं, इसलिए ट्रांसपोर्ट सस्ता होने से सभी चीजों के रेट में कमी आएगी।

तेल कंपनियों के मुनाफे पर केजरीवाल ने केंद्र सरकार से तीखे सवाल पूछे

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार यह कह सकती है और हरदीप पुरी के जो बयान हैं कि युद्ध के दौरान तेल कंपनियों को हुए घाटे की भरपाई अब प्रॉफिट करके पूरी करनी पड़ रही है। इनका यह तर्क बिल्कुल गलत है। 2014 से लेकर आज तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में छह बार कच्चे तेल की कीमत काफी कम हुई है। इसके बावजूद, सरकार ने देश में पेट्रोल की कीमत नहीं घटाई। जब कच्चे तेल की कीमतें कम होने पर कंपनियों ने बंपर प्रॉफिट कमाया था, तो वे उस पैसे का क्या कर रहे हैं?

अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाया कि क्या उस प्रॉफिट से 3-4 महीने चले युद्ध के दौरान हुए थोड़े बहुत नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती? बताया जा रहा है कि पिछले साल ही तेल कंपनियों को 77 हजार करोड़ रुपए का बंपर प्रॉफिट हुआ है। तेल कंपनियों को पिछले तीन-चार साल से लगातार बंपर प्रॉफिट हो रहा है, तो क्या वे इसका इस्तेमाल नुकसान की भरपाई के लिए नहीं कर सकते?

केजरीवाल ने कहा कि अभी हम लोगों से जो 102 रुपए चार्ज किए जा रहे हैं, वह बहुत ज्यादा है। देश के लोगों की तरफ से मेरी सरकार से मांग है कि वे तुरंत 82 रुपए प्रति लीटर में प्योर पेट्रोल देना शुरू करें और अगर E-20 Petrol देना है तो उसकी कीमत इससे भी कम होनी चाहिए।

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