इंटरनेट बैंकिंग को सुगम बनाने के लिए इंटरआॅपरेबल पेमेंट सिस्टम की शुरूआत इसी साल होने की संभावना है। इससे कारोबारियों को लेनदेन के तुरंत निपटान की सुविधा मिल सकेगी। इंटरनेट बैंकिंग आॅनलाइन भुगतान लेनदेन के सबसे पुराने तरीकों में से एक है और यह आयकर, बीमा प्रीमियम, म्यूचुअल फंड भुगतान और ई-कॉमर्स जैसे भुगतानों के लिए एक पसंदीदा तरीका है।
फिलहाल इस तरह के लेनदेन भुगतान एग्रीगेटर के माध्यम से संपन्न होते हैं। लेकिन इस लेनदेन में एक बैंक को अलग-अलग आॅनलाइन प्लेटफॉर्म्स के हरेक भुगतान एग्रीगेटर के साथ अलग से संबंध होने की जरूरत होती है। भुगतान ‘एग्रीगेटर’ एक थर्ड-पार्टी सर्विस प्रोवाइडर है जो ग्राहकों को आॅनलाइन भुगतान स्वीकार करने और व्यवसायों को भुगतान स्वीकार करने में सक्षम बनाता है।
- हमें चालू कैलेंडर वर्ष के दौरान इंटरनेट बैंकिंग के लिए यह भुगतान प्रणाली शुरू होने की उम्मीद है।
- नई प्रणाली से कारोबारियों को धन के त्वरित निपटान की सुविधा होगी।
- इस उपाय से डिजिटल भुगतान में उपयोगकर्ताओं का भरोसा बढ़ेगा।
देश की प्रमुख भुगतान प्रणाली ‘यूपीआई’ न केवल भारत बल्कि दुनिया भर में सबसे अधिक चर्चित त्वरित भुगतान प्रणाली बन गई है। डिजिटल भुगतान में यूपीआई की हिस्सेदारी 2023 में 80 प्रतिशत के करीब पहुंच गई।
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