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इमेज से मिलेगी Internet पर जानकारियां

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Google Search का इस्तेमाल आज के समय में हर दूसरा Internet यूजर कर रहा है। किसी भी सवाल का जवाब हो या किसी आॅफिशियल वेबसाइट पर विजिट करना हो, हर काम के लिए गूगल सर्च काम आता है। क्या आप जानते हैं गूगल पर टेक्स्ट के अलावा, इमेज के जरिए भी डिटेल्स सर्च की जा सकती हैं। जी हां हम यहां गूगल लेंस की ही बात कर रहे हैं। गूगल लेंस कैसे आता है काम गूगल लेंस के जरिए किसी इमेज को लेकर डिटेल जानकारियां पाई जा सकती हैं।

गूगल लेंस का इस्तेमाल कर एक पिक्चर क्लिक करते हैं तो उस इमेज से जुड़ी सारी जानकारियां स्क्रीन पर नजर आती हैं। उदाहरण के लिए किसी ब्रांड का लोगो नजर आने पर एक पिक्चर के जरिए इसकी पहचान की जा सकती है। इसी तरह दूसरी भाषा में लिखे टेक्ट्स को अपनी भाषा में ट्रांसलेट किया जा सकता है। अच्छी बात ये है कि आप गूगल लेंस का इस्तेमाल पीसी और फोन दोनों डिवाइस पर कर सकते हैं।

पीसी में Google Lens का इस्तेमाल करने का तरीका

फोन में गूगल लेंस ऐसे करें इस्तेमाल | Internet

गूगल की जगह ये बनेगा सर्च इंजन, इस दिन हो जाएगी गूगल की छुट्टी | Internet

गूगल दुनिया का सबसे पॉपुलर सर्चिंग प्लेटफॉर्म है। लेकिन गूगल सर्च के खात्मे की तारीख लिखी जा चुकी है। जा हां, ये हम नहीं बल्कि माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स का बयान है। बिल गेट्स की मानें, तो अगर इसी रफ्तार से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विस्तार होता रहा, तो आने वाले दिनों में गूगल सर्च और अमेजन की छुट्टी हो जाएगी।

रोबोट लेंगे इंसानों की जगह

बिग गेट्स ने कहा कि अगर नया एआई टूल इंसानों के सोचने का पैटर्न, उनकी जरूरतों और फीलिंग को पढ़ सकता है, तो यह इंसानों के विहेवियर को बदल सकता है। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम आएंगे, जिससे इंसानों को किसी वेबसाइट पर विजिट करने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे में गूगल सर्च जैसे और अमेजन जैसी प्लेटफॉर्म की जरूरत नहीं होगी।

ब्लू कॉलर जॉब पर खतरा

गेट्स ने चिंता जताई है कि जल्द रोबोट इंसानों की जगह लेंगे। इससे ब्लू कॉलर जॉब पर खतरा पैदा हो सकता है, क्योंकि रोबोट की वजह से इंडस्ट्रियल कामकाज सस्ता हो जाएगा। इससे अक की मदद से सटीक और क्वॉलिटी कंटेंट क्रिएट किया जा सकेगा।

ऐसे मिलेगा एआई स्पोर्ट | Internet

बिल गेट्स का कहना है कि माइक्रोसोफ्ट एआई के मामले में लीड कर सकता है। बता दें कि ओपन एआई के चेट जीपीटी में माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से 10 बिलियन डॉलर का निवेश किया गया है। माइक्रोसोफ्ट ने एमएसवर्ड, एक्सल, पावर प्वाइंट और अउटलूक के साथ चैट जीपीटी को सपोर्ट शुरू कर दिया गया है।

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