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ग्यासपुरा ने 2015 के Sri Guru Granth Sahib Ji बेअदबी पर उठाए सवाल

Giaspura raises questions regarding the 2015 Sri Guru Granth Sahib Ji sacrilege incident.

Giaspura raises questions regarding the 2015 Sri Guru Granth Sahib Ji sacrilege incident.

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चंडीगढ़, 11 सितंबर (Punjab Media Team)। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने 2015 में Sri Guru Granth Sahib Ji की बेअदबी और बहबल कलां गोलीकांड को लेकर तत्कालीन अकाली-भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार पवित्र स्वरूप की चोरी और बेअदबी की घटनाओं को रोकने में नाकाम रही और बाद में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई हुई।

शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में ग्यासपुरा ने कहा कि 1 जून 2015 को Sri Guru Granth Sahib Ji के पवित्र स्वरूप की चोरी की घटना सामने आई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि तत्कालीन गृह मंत्री सुखबीर सिंह बादल इस घटना से अनजान होने का दावा कैसे कर सकते हैं, जबकि उनके कार्यालय तक इसकी जानकारी पहुंचने की बात सामने आई थी।

विधायक ने कहा कि समय पर कार्रवाई नहीं होने के कारण सितंबर और अक्टूबर 2015 में बेअदबी की घटनाएं हुईं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई और पंजाब के इतिहास में एक दर्दनाक अध्याय जोड़ा।

ग्यासपुरा ने कोटकपूरा और बहबल कलां में हुए पुलिस गोलीकांड को लेकर भी जवाबदेही की मांग की। उन्होंने कहा कि कोटकपूरा में लोग शांतिपूर्ण तरीके से अरदास और कीर्तन कर रहे थे, लेकिन प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस कार्रवाई की गई। उन्होंने एसआईटी से मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि गोली चलाने और प्रदर्शनकारियों को हटाने के आदेश किसने दिए थे।

Sri Guru Granth Sahib Ji चोरी पर ग्यासपुरा ने मांगा जवाब

उन्होंने बहबल कलां में कृष्ण भगवान सिंह और गुरजीत सिंह की मौत का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब के लोग आज भी इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों से जवाब चाहते हैं। ग्यासपुरा ने दावा किया कि एसआईटी की जांच और अदालत में चल रही कार्यवाही के बीच इन सवालों का जवाब मिलना जरूरी है।

आप विधायक ने अकाली दल और भाजपा के बीच संभावित गठबंधन पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दलों ने 2015 की घटनाओं से कोई सबक नहीं सीखा और राजनीतिक हितों के लिए दोबारा साथ आने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा गठबंधन पंजाब और पंथ के हित में नहीं है।

ग्यासपुरा ने कहा कि पंजाब के लोग बेअदबी और गोलीकांड के मामलों को नहीं भूलेंगे और एसआईटी की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि न्याय में देरी हो सकती है, लेकिन जिम्मेदार लोगों को आखिरकार जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने बेअदबी के मामलों में कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून लाने की दिशा में कदम उठाए हैं। ग्यासपुरा ने कहा कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पंजाब में धार्मिक भावनाओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

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