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पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा आम आदमी पार्टी में हुए शामिल

Former Minister Surjit Singh Rakhra Joins Aam Aadmi Party
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समाना/चंडीगढ़, 16 मई , 2026 (Punjab Media Team)। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री Surjit Singh Rakhra शनिवार को समाना में एक जनसभा के दौरान औपचारिक रूप से आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने खुद उन्हें पार्टी में शामिल करवाया और उनका स्वागत किया। रखड़ा के परिवार के सदस्य और कई समर्थक भी उनके साथ ‘आप’ में शामिल हुए।

रखड़ा का पार्टी में स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि 16 मई का दिन पंजाब के राजनीतिक इतिहास में एक अहम दिन के रूप में याद रखा जाएगा, क्योंकि लोक सेवा को समर्पित एक साफ-सुथरे और सम्मानित छवि वाली शख्सियत ‘आप’ परिवार में शामिल हुई है। मान ने कहा कि रखड़ा के पास अपने कारोबार और निजी हितों को बढ़ाने के कई मौके थे, लेकिन उन्होंने आम लोगों की सेवा का रास्ता चुना।

मुख्यमंत्री ने समूचे रखड़ा परिवार और उनके समर्थकों का ‘आप पंजाब परिवार’ में शामिल होने पर धन्यवाद किया और कहा कि कई बार नेताओं को निजी हितों से ऊपर उठकर प्रदेश, समाज और आने वाली पीढ़ियों के भले के लिए काम करना पड़ता है।

मान ने कहा कि Surjit Singh Rakhra ने बार-बार अकाली दल को अंदर से सुधारने की कोशिश की थी, लेकिन पार्टी अपने रास्ते से भटक गई और गलत हाथों में चली गई। उन्होंने आगे कहा कि बेअदबी की घटनाओं में निभाई भूमिका और लोक-विरोधी राजनीति के कारण लोग पहले ही अकाली लीडरशिप को नकार चुके हैं।

बेअदबी मुद्दे पर अकाली दल छोड़ा — Surjit Singh Rakhra का बड़ा बयान”

अकाली दल पर तीखा निशाना साधते हुए मान ने कहा कि कभी पंजाब पर 25 साल राज करने के दावे करने वाले नेताओं की पार्टी में आज 25 लोग भी नहीं बचे। उन्होंने कहा कि अकाली दल इतना कमजोर हो चुका है कि उनके लिए कमेटियां बनाना भी मुश्किल हो गया है। मुख्यमंत्री मान ने आगे कहा कि पंजाब के पुनर्निर्माण और प्रशासन को मजबूत करने के लिए प्रदेश को अनुभवी और ईमानदार लोगों की जरूरत है। उन्होंने रखड़ा परिवार को एकता और मेहनत का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके अनुभव का पंजाब और पार्टी को बड़ा फायदा होगा।

इस मौके पर सभा को संबोधित करते हुए Surjit Singh Rakhra ने पार्टी में स्वागत करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान और ‘आप’ लीडरशिप का धन्यवाद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिरोमणि अकाली दल छोड़ने का उनका फैसला सीधे तौर पर बेअदबी के मुद्दे और नए बने बेअदबी विरोधी कानून से जुड़ा हुआ है। रखड़ा ने बताया कि वे पिछले करीब डेढ़ साल से लगातार समाना मोर्चे पर जाते रहे हैं, जहां गुरजीत सिंह खालसा बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून की मांग को लेकर 400 फुट ऊंचे टावर पर प्रदर्शन कर रहे थे।

रखड़ा ने खुलासा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें कहा था कि यदि सरकार बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाती है, तो वे पार्टी का साथ दें। रखड़ा ने कहा कि उन्होंने वादा किया था कि यदि ऐसा कानून पास हो गया तो उन्हें ‘आप’ में शामिल होने में कोई झिझक नहीं होगी। उन्होंने आगे कहा कि पिछली सरकारें राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण कोई प्रभावशाली कानून बनाने में नाकाम रहीं, जबकि मान सरकार ने राज्यपाल की मंजूरी के बाद इस पुरानी मांग को पूरा कर दिया।

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