चंडीगढ़, 3 जून: (Punjab Media Team)। पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ तथा प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने ‘Mukh Mantri Sehat Yojana’ के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 17 नई चिकित्सा प्रक्रियाओं को मंजूरी देने के साथ-साथ योजना का दायरा बढ़ाकर अकेले रहने वाले व्यक्तियों को भी इसमें शामिल कर लिया है। इस फैसले से लाखों लोगों को बेहतर और समय पर इलाज की सुविधा मिल सकेगी, जबकि सरकारी अस्पतालों पर बढ़ते दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि अब कई ऐसी चिकित्सा प्रक्रियाएं, जो पहले केवल सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध थीं, सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी कराई जा सकेंगी। इससे विशेष रूप से उन जिलों के मरीजों को राहत मिलेगी, जहां विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं सीमित हैं या सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण लंबा इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से मरीजों को अपने घर के नजदीक इलाज मिलेगा, प्रतीक्षा समय घटेगा और बड़े सरकारी अस्पतालों पर बोझ कम होगा।
नई मंजूर की गई प्रक्रियाओं में कान, नाक और गला (ईएनटी), जनरल सर्जरी, महिला स्वास्थ्य, नेत्र रोग तथा ऑर्थोपेडिक उपचार शामिल हैं। अब निजी अस्पतालों में नाक की हड्डी के फ्रैक्चर की सेटिंग, एडेनोइडेक्टोमी, हाइड्रोसील ऑपरेशन, फोड़े का इलाज, एपेंडिक्स सर्जरी, ओपन और लैप्रोस्कोपिक गॉल ब्लैडर सर्जरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। महिला स्वास्थ्य सेवाओं के तहत गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताओं, हिस्टेरोटॉमी तथा विशेष परिस्थितियों में आवश्यक जांच और उपचार को भी योजना में शामिल किया गया है।
Mukh Mantri Sehat Yojana का दायरा बढ़ा, 65 लाख परिवारों को लाभ
इसके अलावा आंखों से संबंधित पटेरीजियम एक्सीजन और एंट्रोपियन करेक्शन जैसी प्रक्रियाएं तथा ऑर्थोपेडिक मरीजों के लिए टेंडन रिलीज, छोटे जोड़ों की चोटों और टखने के फ्रैक्चर के ऑपरेशन भी अब सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कराए जा सकेंगे। इन नई प्रक्रियाओं के लिए पैकेज दरें 2,000 रुपये से लेकर 27,800 रुपये तक निर्धारित की गई हैं।
सरकार ने योजना के दायरे का विस्तार करते हुए अकेले रहने वाले व्यक्तियों को भी लाभार्थी बनाने का फैसला किया है। पहले यह स्वास्थ्य बीमा योजना केवल दो या अधिक सदस्यों वाले परिवारों के लिए उपलब्ध थी। अब वरिष्ठ नागरिक, विधवाएं और स्वतंत्र रूप से रहने वाले अन्य व्यक्ति भी इस योजना के तहत कैशलेस इलाज का लाभ उठा सकेंगे। उन माता-पिता को भी इसका लाभ मिलेगा जिनके बच्चे विदेशों में रहते हैं।
नामांकन के लिए पंजाब का आधार कार्ड और वोटर पहचान पत्र अनिवार्य होगा, जबकि 18 वर्ष से कम आयु के आवेदकों को जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। अकेले रहने वाले व्यक्तियों को एक घोषणा पत्र जमा कराना होगा, जिसकी पुष्टि स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा की जाएगी।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार वर्तमान में लगभग 65 लाख परिवार Mukh Mantri Sehat Yojana के अंतर्गत कवर किए जा चुके हैं। 824 अस्पतालों के नेटवर्क और लगभग 2,300 बीमारियों व चिकित्सा प्रक्रियाओं के कवरेज के साथ यह योजना पंजाब के लोगों के लिए एक मजबूत स्वास्थ्य सुरक्षा कवच बन चुकी है। सरकार का मानना है कि नए विस्तार से और अधिक लोगों तक गुणवत्तापूर्ण तथा कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकेंगी।
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