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हर महीने 20,000 गर्भवती महिलाएं आम आदमी क्लीनिकों से ले रही हैं लाभ

Every month, 20,000 pregnant women are benefiting from Aam Aadmi Clinics

Every month, 20,000 pregnant women are benefiting from Aam Aadmi Clinics

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चंडीगढ़, 4 जनवरीः आने वाली पीढ़ियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने प्रसूति स्वास्थ्य देखभाल को सफलतापूर्वक विकेंद्रित किया है और आम आदमी क्लीनिक (ए.ए.सी.) गर्भवती महिलाओं के लिए नई जीवन रेखा के रूप में उभर रहे हैं। एक विशेष प्रोटोकॉल-आधारित गर्भावस्था देखभाल मॉडल शुरू करने के मात्र चार महीनों के अंदर सेवाएं हासिल करने वालों की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है और हर महीने लगभग 20,000 गर्भवती महिलाएं इन क्लीनिकों में पहुंच रही हैं।

इस पहल की सफलता को साझा करते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत पहले ही एक यूनिक रैफरल सिस्टम के माध्यम से 10,000 से अधिक महिलाओं को मुफ्त अल्ट्रासाउंड सेवाएं प्रदान की गई हैं। इसके साथ ही लगभग 500 निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों को सूचीबद्ध करके राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि महिलाओं को विभिन्न स्कैन: जिनकी कीमत आम तौर पर 800 रुपये से 2,000 रुपये के बीच होती है – की सुविधा पूरी तरह मुफ्त दी जा रही है। इस सुविधा से मात्र 120 दिनों के छोटे समय में पंजाबी परिवारों को अनुमानित 1 करोड़ रुपये की बचत हुई है।

आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि पंजाब में 70 प्रतिशत से कम गर्भवती महिलाओं ने अपना पहला एंटे-नेटल चेक-अप करवाया है और लगभग 60 प्रतिशत से कम ने सिफारिश अनुसार पूरे चार चेक-अप करवा लिए हैं, जबकि राज्य में माताओं की मृत्यु दर प्रति एक लाख जीवित जन्मों पर 90 रही है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इन आंकड़ों ने राज्य भर में एक व्यापक, पहुंचयोग्य गर्भावस्था देखभाल मॉडल की तुरंत आवश्यकता को उजागर किया।

पंजाब में हर साल लगभग 4.3 लाख प्रसव होते हैं, जिससे माताओं और बच्चों की स्वास्थ्य रक्षा के लिए जल्दी पता लगाना, नियमित निगरानी और समय पर रैफरल बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। पिछले तीन सालों में, मान सरकार ने 881 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए हैं, जो पंजाब की प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की रीढ़ के रूप में उभरे हैं, जिसमें 4.6 करोड़ से अधिक ओपीडी विजिट और रोजाना लगभग 70,000 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इस बुनियादी ढांचे का लाभ उठाते हुए, सरकार ने लगभग चार महीने पहले ए.ए.सीज़. के माध्यम से एक विस्तृत, प्रोटोकॉल-संचालित गर्भावस्था देखभाल मॉडल शुरू किया।


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