मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लगाया पिछली अकाली कांग्रेस की सरकारों पर आरोप
मानसा, 24 फरवरी। Education of Punjab : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि अकाली और कांग्रेस के दशकों के शासन ने जानबूझकर पंजाब के बच्चों को अनपढ़ रखा, जबकि राजनीतिक परिवार फलते-फूलते रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन पार्टियों को कभी भी लोगों की तरक्की की चिंता नहीं थी, बल्कि सिर्फ अपनी बेटियों-बेटों और रिश्तेदारों के लिए सत्ता हासिल करने की चिंता थी। सरदूलगढ़ में सरकारी आई.टी.आई., जो हर साल 240 विद्यार्थियों को हुनरमंद बनाएगी, का नींव पत्थर रखने के बाद सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा अब चुनाव सपना पूरा करने के लिए दूसरी पार्टियों के दलबदलुओं पर निर्भर कर रही है लेकिन पंजाब ने अलग रास्ता चुना है।
पंजाब सरकार द्वारा सरकारी खजाने का एक-एक पैसा ईमानदारी से लोगों की भलाई और तरक्की पर खर्च करने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ऐलान किया कि ‘आप’ सरकार, पंजाब विकास के लिए नए इंजन पर चल रही है, जबकि भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस के इंजन पुराने हो चुके हैं और सूबे को आगे बढ़ाने के सक्षम नहीं हैं।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली दल खुद एक डायनासोर है, जिसने राज्य और इसके लोगों की कमाई को हड़प लिया। जहां ‘आप’ सरकार पंजाबी नौजवानों को डॉक्टर और इंजीनियर बनाकर भविष्य के लिए तैयार करने के लिए सख्त प्रयास कर रही है, वहीं अकाली दल राज्य के नौजवानों को डायनासोर युग में वापस खींचने पर तुला हुआ है।”
Education of Punjab : लोग कभी भी ऐसे नेताओं को नहीं चुनेंगे, जिन्होंने राज्य को बर्बाद किया
उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि डायनासोर मनुष्यों के लिए घातक थे। उन्होंने कहा कि डायनासोर अकालियों का पसंदीदा जानवर है क्योंकि अकालियों ने भी पंजाब और पंजाबियों की मेहनत की कमाई खाई है। उन्होंने कहा, “लोग कभी भी ऐसे नेताओं को नहीं चुनेंगे, जिन्होंने राज्य को बर्बाद किया है और अपनी घिनौनी हरकतों से हमारी पीढ़ियों को हड़प लिया है।” Education of Punjab
अकाली दल की पंजाब बचाओ यात्रा पर व्यंग्य कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल की इस चाल का असली नाम ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है। उन्होंने कहा, “मैं अकाली नेताओं को चुनौती देता हूं कि वे यह बताएं कि 15 साल राज्य को लूटने के बाद वे राज्य को किससे बचाने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों ने अकालियों को चुना था लेकिन वे गद्दार साबित हुए और हमेशा सूबे और इसके लोगों की पीठ में छुरा घोंपा है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों को याद दिलाया कि जब समूची किसानी अपने हकों के लिए लड़ रही थी तब अकालियों ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपनी कुर्सी बचाने खातिर काले कृषि कानूनों पर मोदी सरकार का समर्थन किया था। Education of Punjab
भगवा पार्टी चुनाव जीतने की उम्मीद में दूसरी पार्टियों के दलबदलुओं पर निर्भर
उन्होंने कहा कि अकालियों ने अपने निजी राजनीतिक हितों के लिए पंथ की दुरुपयोग किया है, जिस कारण लोगों द्वारा उन्हें माफ नहीं किया जा सकता। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भगवा पार्टी चुनाव जीतने की उम्मीद में दूसरी पार्टियों के दलबदलुओं पर निर्भर कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भाजपा की यह रणनीति पंजाब में काम नहीं करेगी क्योंकि दूसरी मशीनों के खराब हुए पुर्जों वाला इंजन ज्यादा देर नहीं चल सकेगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक पार्टियां उनसे जलन रखती हैं क्योंकि वे यह हजम नहीं कर पा रही हैं कि एक आम आदमी का बेटा राज्य का शासन प्रभावशाली ढंग से चला रहा है। उन्होंने आगे कहा, “पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों के लोग विरोधी और पंजाब विरोधी रुख कारण पंजाब के लोगों का उनसे विश्वास उठ गया है।” Education of Punjab
उन्होंने दोहराया कि पुराने शासक पंजाब और पंजाबियों से ज्यादा अपने पारिवारिक सदस्यों बारे अधिक चिंतित थे, जिस कारण लोगों ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया है।
कांग्रेस और अकालियों का सिर्फ चार बिंदुओं वाला एजेंडा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पद संभालने के बाद उन्होंने पंजाब की तरक्की और खुशहाली पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने पूरे राज्य के स्कूलों को सिर्फ ‘मिड-डे मील’ केंद्रों में बदल दिया था लेकिन अब इन स्कूलों को शिक्षा के केंद्रों में तब्दील कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया, “आप सरकार राज्य में शिक्षा को प्रोत्साहन देने और गरीब विद्यार्थियों तक मानक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के मिशन पर काम कर रही है।”
भगवंत सिंह मान ने कहा कि नौजवानों को मानक शिक्षा देने के लिए सूबे में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं और अध्यापकों का अध्यापन हुनर तराशने के लिए प्रशिक्षण वास्ते फिनलैंड और सिंगापुर भेजा गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कांग्रेस और अकालियों का सिर्फ चार बिंदुओं वाला एजेंडा है, जो अपनी, अपने पुत्रों, जीजे और साले की भलाई सुनिश्चित करना है। शिक्षा तरक्की की कुंजी है, हमारी सरकार ने इस क्षेत्र के विकास पर जोर दिया है और आने वाले दिनों में कोई व्यक्ति अपनी दौलत से नहीं, बल्कि अपने बच्चों की शिक्षा के पूंजी से अमीर कहाएगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के खजाने का एक-एक पैसा राज्य के लोगों की भलाई के लिए समझदारी से इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा, “पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, यहां तक कि किसानों को भी दिन के समय बिजली मिल रही है, जो बेमिसाल है। ऐसे समय में जब केंद्र सरकार द्वारा देश की संपत्तियां अपने चहेतों को मामूली कीमतों पर दी जा रही हैं, पंजाब सरकार ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीद कर इतिहास रचा है।”
लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए पंजाब में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले
भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए पंजाब में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं और सरकारी अस्पतालों में लोगों को मानक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकार ने सत्ता संभाली थी, उस समय राज्य में 21 प्रतिशत नहरी पानी ही सिंचाई के लिए इस्तेमाल हो रहा था। यह बहुत मान की बात है कि आज 68 प्रतिशत नहरी पानी सिंचाई के लिए इस्तेमाल हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में 6,900 किलोमीटर लंबे 18,349 खालों को फिर से बहाल किया गया है ताकि टेलों पर पानी मुहैया करवाया जा सके जिससे किसानों को बहुत फायदा हो रहा है। उन्होंने कहा, “लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की है जो देश में अपनी किस्म की पहली योजना है। यह योजना पंजाब के हरेक परिवार को 10 लाख रुपए तक का नकदी रहित चिकित्सा इलाज प्रदान करती है। यह बहुत मान वाली बात है कि पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य संभाल सुविधा देने वाला पहला भारतीय राज्य है, जिसने मानक स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करते हुए लोगों पर वित्तीय बोझ को काफी हद तक घटा दिया है
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