चंडीगढ़ 28 अक्टूबर (Punjab Media Team)। आम आदमी पार्टी (आप) के सीनियर नेता और कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा ने बुधवार को अकाली दल (बादल) और भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि Punjab Vigilance Bureau की तरफ से शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ फाइल की गई 40,000 पेज की चार्जशीट में कंपनियों के नेटवर्क के जरिए 736.96 करोड़ के ड्रग मनी ट्रांजैक्शन का खुलासा हुआ है। 2007-2017 के अकाली-भाजपा राज को पंजाब के इतिहास का सबसे काला दौर बताते हुए उन्होंने कहा कि चिट्टा फैलने की वजह से राज्य के युवाओं और हजारों परिवारों को भारी कीमत चुकानी पड़ी।
आप के सीनियर नेता ने चेतावनी दी कि भाजपा नेता अमित शाह और बिक्रम सिंह मजीठिया के हाथ मिलाने और पंजाब में ड्रग नेटवर्क को बढ़ाने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा। उन्होंने गुजरात के पोर्ट पर जब्त हेरोइन कंसाइनमेंट और उनकी सप्लाई चेन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार पंजाब को उन काले दिनों में वापस नहीं जाने देगी। उन्होंने अपने चल रही ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम के तहत 80,000 से ज़्यादा गिरफ्तारियों का ज़िक्र किया और ड्रग्स को खत्म करने और राज्य के युवाओं की सुरक्षा के लिए लड़ाई जारी रखने का प्रण लिया है।
पंजाब विजिलेंस ने मजीठिया के खिलाफ दाखिल की 40 हजार पन्नों की चार्जशीट
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आप के सीनियर नेता और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “Punjab Vigilance Bureau ने बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ 40,000 पेज की चार्जशीट फाइल की है, जिसमें ₹736.96 करोड़ के वित्तीय लेन-देन की डिटेल दी गई है। जांच में कंपनियों के एक बड़े नेटवर्क का पता चला है, जिनके ज़रिए ये ट्रांजैक्शन किए गए थे। यह जांच पैसे के सोर्स, फंड के मूवमेंट और इन ट्रांजैक्शन के लिए इस्तेमाल की गई कॉर्पोरेट कंपनियों के स्ट्रक्चर के बारे में गंभीर सवाल उठाती है।”
आप के सीनियर नेता ने कहा, “एफआईआर नंबर 22 को 25 जून 2025 को Punjab Vigilance Bureau, मोहाली के फ्लाइंग स्क्वाड ने प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट, 1988 के सेक्शन 13(1)(ई) और 13(2) के तहत रजिस्टर किया था। जांच 2 मार्च 2007 से 31 मार्च 2017 तक के समय को कवर करती है। सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जांच के नतीजों और जांच के दौरान सामने आए फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की पूरी जानकारी दी गई है।”
उन्होंने कहा, “जांच में कंपनियों के एक नेटवर्क की पहचान हुई है, जिनके ज़रिए फाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन किए गए थे। इनमें सराया इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, पेरेग्रीन सराया ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, एस.डी. बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड, ए2ज़ी ट्रांसपोर्ट/पटियाला एक्सप्रेस, ए.डी. एंटरप्राइजेज (अमरदीप सिंह हुंजन की प्रोपराइटरशिप), हरप्रीत गुलाटी एचयूएफ (यूनाइटेड वाइन्स), आकाश एंटरप्राइजेज (हरप्रीत सिंह गुलाटी की प्रोपराइटरशिप), यू.डब्लू एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, ए.डी. एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड और आकाश स्पिरिट्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।”
मजीठिया केस में वित्तीय लेनदेन और कंपनियों के नेटवर्क पर गंभीर सवाल
उन्होंने आगे कहा, “फाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन का यह सिलसिला फंड के सोर्स, अलग-अलग कंपनियों के बीच उनके मूवमेंट और बाद कुछ संस्थाओं के गायब होने या बंद होने के बारे में गंभीर सवाल खड़े करता है। चार्जशीट में जांच के दौरान उजागर हुए ट्रांज़ैक्शन और उस कार्पोरेट नेटवर्क की पूरी डिटेल्स हैं, जिसके ज़रिए यह पैसा कथित तौर पर ट्रांसफर किया गया था।”
उन्होंने कहा, “ये निष्कर्ष फंड के स्रोतों, उनके आवागमन और जांच के दायरे में आने वाली कंपनियों के जरिए किए गए वित्तीय लेन-देन पर अहम सवाल खड़े करते हैं। 40,000 पन्नों की चार्जशीट ने वित्तीय लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड अदालत के सामने रख दिया है, और अब कानूनी प्रक्रिया ही जवाबदेही तय करेगी।”
शिरोमणि अकाली दल (बादल) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “2007 से 2017 तक का समय पंजाब के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक था। ‘चिट्टे’ (सिंथेटिक ड्रग्स) ने परिवारों को तबाह कर दिया, युवाओं की जिंदगियां बर्बाद कर दीं और अनगिनत माता-पिता को अपने बच्चों को नशे से बचाने के लिए संघर्ष करने पर मजबूर कर दिया। इसके साथ ही, जांच के दायरे में आए वित्तीय लेन-देन रसूखदार राजनीतिक हस्तियों द्वारा जुटाई गई संपत्ति पर भी गंभीर सवाल खड़े करते हैं।”
नशा खत्म करने के वादे पर हरपाल चीमा ने पिछली सरकारों को घेरा
उन्होंने कहा, “इस दौरान बिक्रम सिंह मजीठिया कैबिनेट मंत्री के तौर पर सेवाएं दे रहे थे और वह उस समय के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के साले हैं। पंजाब के लोगों को यह सवाल पूछने का पूरा हक है कि यह विशाल वित्तीय साम्राज्य कैसे खड़ा किया गया और इन सालों के दौरान ये लेन-देन किस तरह से हुए।”
साल 2017 के विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए राजनीतिक वादों का हवाला देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब से नशा खत्म करने के लिए गुटका साहिब की कसम खाई थी, लेकिन सूबा नशे की मार झेलता रहा। पिछली सरकारें नशे के कारण हुई तबाही के लिए जिम्मेदार नेटवर्क को तोड़ने में पूरी तरह नाकाम रहीं, जिसकी भारी कीमत पंजाब के परिवारों को चुकानी पड़ी।”
उन्होंने आगे कहा, “पंजाब के लोग एक और ऐसा दशक बर्दाश्त नहीं कर सकते जिसमें नशे का नेटवर्क फले-फूले और हमारे युवाओं का भविष्य दांव पर लग जाए। पंजाब को पहुंचाए गए इस नुकसान के लिए जिम्मेदार लोगों को कानूनी प्रक्रिया के जरिए जवाबदेही का सामना करना ही पड़ेगा।”
पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई, 80 हजार से ज्यादा गिरफ्तारियां: हरपाल चीमा
हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “मार्च 2022 से, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार ने नशे के खिलाफ अपनी मुहिम को तेज किया है। इस कार्रवाई के तहत 80,000 से ज्यादा गिरफ्तारियां की गई हैं। हम बड़े नशा तस्करों को निशाना बना रहे हैं, इस व्यापार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि नशे की लत से जूझ रहे लोगों का उचित इलाज हो।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारी इस मुहिम का मकसद नशे की सप्लाई वाले नेटवर्क को तोड़ना और नशे से प्रभावित लोगों के पुनर्वास में मदद करना, दोनों है। हम पंजाब के युवाओं की रक्षा करने और राज्य को ‘चिट्टे’ के संकट वाले काले दिनों में वापस जाने से रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
नशा तस्करी से निपटने के भाजपा के रिकॉर्ड पर सवाल उठाते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “गुजरात के बंदरगाहों से बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद होने की बार-बार आती रिपोर्ट्स उन रास्तों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं, जिनके जरिए देश में नशा दाखिल होता है। साथ ही, यह तस्करी नेटवर्क के खिलाफ हो रही कार्रवाई की कार्यक्षमता पर भी सवाल उठाती है। भाजपा को इस मुद्दे पर अपने रिकॉर्ड का जवाब देना चाहिए।”
पंजाब की जवानी बचाने के लिए नशा तस्करों पर निर्णायक कार्रवाई जरूरी: चीमा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बिक्रम सिंह मजीठिया का जिक्र करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पंजाब पहले ही नशे की मार के कारण बहुत संताप झेल चुका है। हम राज्य को दोबारा उसी संकट में नहीं धकेलने देंगे। पंजाब के लोग नशा तस्करों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई चाहते हैं और सूबे की जवानी की रक्षा करने में नाकाम रहने वालों की जवाबदेही तय करना चाहते हैं।”
आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में हम पंजाब से नशे का खात्मा करने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। हमारी सरकार नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, उनके नेटवर्क को तोड़ने और नशे से प्रभावित लोगों को इलाज मुहैया कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने कहा, “Punjab Vigilance Bureau द्वारा दायर की गई 40,000 पन्नों की चार्जशीट ने जांच के दायरे में आए वित्तीय लेन-देन को अदालत के सामने ला दिया है। हम नशे के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और यह सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे कि पंजाब कभी भी ‘चिट्टे’ से हुई तबाही के उस दौर में वापस न जाए।”
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