नई दिल्ली, 12 जून: (Punjab Media Team)। पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने नीति आयोग की बैठक में राज्य के लंबे समय से लंबित मुद्दों को मजबूती से उठाते हुए Central government से पंजाब को विशेष श्रेणी का दर्जा देने और सीमावर्ती क्षेत्रों के पुनर्विकास के लिए विशेष आर्थिक पैकेज प्रदान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करने वाले पंजाब को सुरक्षा, आर्थिक और सामाजिक मोर्चों पर असाधारण चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए राज्य विशेष सहायता का हकदार है।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की आकांक्षाएं और ‘रंगला पंजाब’ का विजन ‘विकसित भारत-2047’ के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप हैं। उन्होंने बताया कि सीमा पार से आतंकवाद, ड्रोन के जरिए हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी, युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या तथा सीमावर्ती किसानों की परेशानियां राज्य के सामने गंभीर चुनौतियां हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में आई विनाशकारी बाढ़ से राज्य के 2,300 से अधिक गांव प्रभावित हुए और लगभग 12,905 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा हाल के सुरक्षा हालातों ने भी सीमावर्ती इलाकों के लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करने पर मजबूर किया है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद पंजाब देश की सुरक्षा के लिए ढाल बनकर खड़ा है, लेकिन केंद्र से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया।
सरहदी पंजाब की अनदेखी बंद करे Central government, मान ने उठाई आवाज
उन्होंने Central government की ‘वाइब्रेंट विलेज-II’ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब के केवल 107 गांवों को इसमें शामिल किया गया है, जबकि सीमा के निकट 2,000 से अधिक गांव और कस्बे स्थित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों से अनिश्चितता और सुरक्षा जोखिमों के कारण सीमावर्ती जिलों में निवेश प्रभावित हुआ है और कई उद्योग अन्य राज्यों में पलायन कर गए हैं।
मुख्यमंत्री मान ने Central government से अंतरराष्ट्रीय सीमा को और अधिक सुरक्षित बनाने, सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने तथा पंजाब को विशेष श्रेणी का दर्जा देकर 90:10 फंडिंग पैटर्न लागू करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि इससे राज्य को विकास परियोजनाओं को गति देने और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री से सहयोग की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब और उसके लोग देश की सुरक्षा और विकास के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब की जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा और राज्य को राष्ट्रीय विकास में उसके योगदान के अनुरूप सम्मान और सहयोग मिलेगा। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सुरक्षित, समृद्ध और खुशहाल पंजाब ही ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को साकार करने की मजबूत नींव बन सकता है।
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