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10 लाख तक कैशलेस इलाज, Mukh Mantri Sehat Yojana. में 6 लाख उपचार पूरे

Cashless treatment up to ₹10 lakh; 6 lakh treatments under Mukh Mantri Sehat Yojana.
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चंडीगढ़, 14 अगस्त (Punjab Media Team)। पंजाब में महंगे इलाज के आर्थिक बोझ को कम करने के उद्देश्य से लागू Mukh Mantri Sehat Yojana (MMSY) के तहत पिछले सात महीनों में छह लाख से अधिक उपचार दर्ज किए गए हैं। योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है।

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, 69,12,697 पात्र परिवारों में से अब तक 26,18,712 लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है। योजना के तहत 3,02,906 मरीजों ने उपचार प्राप्त किया है और कुल 6,06,892 उपचार दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा 15,267 प्रक्रियाएं भी दर्ज हुई हैं। राज्य में योजना के लिए 880 अस्पताल सूचीबद्ध हैं, जबकि औसत क्लेम राशि 14,628.04 रुपये दर्ज की गई है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि डायलिसिस से लेकर कैंसर और हृदय रोगों तक गंभीर बीमारियों के इलाज में योजना का प्रभाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि क्रॉनिक हीमोडायलिसिस के 1,99,417 उपचार, कैंसर के 60,504 मामले और 1,85,220 आपातकालीन उपचार दर्ज किए गए हैं।

हृदय संबंधी उपचारों में डायग्नोस्टिक एंजियोग्राफी सहित 10,428 पीटीसीए प्रक्रियाएं की गईं, जिन पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसके अलावा 611 सीएबीजी उपचारों पर लगभग 8.20 करोड़ रुपये और 507 पेसमेकर प्रक्रियाओं पर करीब 6.79 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

Mukh Mantri Sehat Yojana: पंजाब में 6 लाख उपचार पूरे, 10 लाख तक कैशलेस इलाज

हड्डी और जोड़ संबंधी उपचारों में 11,796 घुटना प्रत्यारोपण किए गए, जिन पर 94.89 करोड़ रुपये खर्च हुए। वहीं 1,092 हिप रिप्लेसमेंट पर 10.75 करोड़ रुपये खर्च हुए। फ्रैक्चर फिक्सेशन की 2,200 से अधिक प्रक्रियाएं भी की गईं। कैंसर उपचार पर करीब 159.41 करोड़ रुपये और 2,02,793 डायलिसिस उपचारों पर 33.14 करोड़ रुपये खर्च हुए।

सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में योजना का लाभ पहुंचा है। निजी अस्पतालों में 3,36,161 मामलों के उपचार पर 614.08 करोड़ रुपये, जबकि सरकारी अस्पतालों में 2,70,731 मामलों पर 479.85 करोड़ रुपये खर्च दर्ज किए गए।

जिलावार आंकड़ों में पटियाला 28,977 मरीजों के उपचार के साथ आगे रहा। इसके बाद बठिंडा में 23,446, लुधियाना में 22,620 और जालंधर में 20,193 मरीजों का उपचार हुआ। बठिंडा में सबसे अधिक 200 करोड़ रुपये का खर्च दर्ज किया गया।

लाभार्थियों ने भी योजना से मिली राहत साझा की। स्तन कैंसर का उपचार करवा रहीं निशि गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से उनका उपचार बिना खर्च जारी है। पटियाला के हाकम सिंह ने बताया कि हृदय संबंधी आपात स्थिति में योजना उनके लिए बेहद मददगार साबित हुई।

राज्य सरकार के अनुसार, योजना का उद्देश्य गंभीर बीमारी के समय परिवारों को इलाज के खर्च की चिंता से राहत देकर समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है।

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