Jaito के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर को 8 करोड़ रुपये की लागत से 30 बिस्तरों वाले अस्पताल में अपग्रेड किया जाएगा: मुख्यमंत्री भगवंत मान
फरीदकोट, 5 अप्रैल (Punjab Media Team)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज राज्य भर में विकास कार्यों को आगे बढ़ाते हुए फरीदकोट के Jaito में 28.68 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें कम्युनिटी हेल्थ सेंटर को 30 बिस्तरों वाले अस्पताल में अपग्रेड करना तथा पीने के साफ पानी और खेल ढांचे में महत्वपूर्ण निवेश शामिल है।
उन्होंने कहा कि 2022 में ‘झाड़ू’ (आप का चुनाव चिन्ह) के लिए लोगों के जनादेश ने शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के सपनों को साकार करने की नींव रखी, जो अब पूरे हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने ‘आप’ के शासन मॉडल की तुलना विपक्षी दलों से करते हुए कहा कि जहां ‘आप’ साफ पानी, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और महिलाओं को आर्थिक सहायता दे रही है, वहीं पारंपरिक पार्टियां हमेशा लोगों की सेवा करने में विफल रही हैं।
उन्होंने भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल पर तीखा हमला बोलते हुए उनके शासनकाल पर सवाल उठाए और उन पर भाई-भतीजावाद तथा आपराधिक तत्वों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने बढ़ती गरीबी और मुश्किलों के लिए केंद्र सरकार को भी जिम्मेदार ठहराया।
13 अप्रैल को बैसाखी के दिन होने वाले विशेष सत्र में एक साल तक कोई जमानत न देने और उम्रकैद की सजा का प्रावधान रखने वाला सख्त बेअदबी विरोधी कानून बनाने की घोषणा करते हुए भगवंत सिंह मान ने 2027 के चुनावों को अपनी सरकार के पक्ष में स्पष्ट माहौल बताया। उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस का संबंध शुरू से ही सिख विरोधी दंगों से जुड़ा रहा है, वहीं अकाली दल अपने काले कारनामों के कारण पूरी तरह बदनाम हो चुका है और केवल उनकी ‘आप’ पार्टी ही बेहतर शासन-आधारित “एकमात्र विकल्प” है, जो “रंगला पंजाब” बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
Jaito में कई बड़ी विकास परियोजनाओं का शिलान्यास
कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जैतो की धरती ने हमेशा इतिहास रचा है, जिसे उनकी पार्टी सलाम करती है। उन्होंने कहा कि साहित्य हो या संघर्ष, जब भी किसी क्षेत्र में जरूरत पड़ी, जैतो हमेशा आगे बढ़कर सबसे आगे खड़ा हुआ है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अकालियों को दी गई हर वोट गुरु और गुरबाणी की बेअदबी के पक्ष में फैसला होगी। उन्होंने कहा कि अकालियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी कर हर व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अकालियों ने महान गुरुओं की बाणी का अपमान किया और बहिबल कलां तथा बरगाड़ी में निर्दोष लोगों पर गोली चलाने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा कि अकालियों ने श्री अकाल तख्त साहिब का भी गंभीर अपमान किया है। उन्होंने आगे कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदारों की नियुक्ति भी अकालियों की मनमानी से होती है, जो पंजाब के लोगों के साथ अन्याय है।
विकास के दावों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री दावा करते हैं कि उनके शासनकाल में राज्य में बड़े पैमाने पर विकास हुआ, लेकिन कोटकपूरा, बहिबल कलां और अन्य स्थानों पर जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई और निर्दोष मारे गए, उन मुद्दों पर वे चुप्पी साध लेते हैं।
अकाली दल की “पंजाब बचाओ यात्रा” पर भगवंत मान का तंज
अकाली दल की “पंजाब बचाओ यात्रा” पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस यात्रा का असली नाम “परिवार बचाओ यात्रा” होना चाहिए। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अकाली नेता यह स्पष्ट करें कि 15 वर्षों तक राज्य को लूटने के बाद अब वे किससे पंजाब को बचाने की बात कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अकालियों ने राज्य को बेरहमी से लूटा और पंजाबियों की मानसिकता को भावनात्मक रूप से कुचला। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न माफियाओं को संरक्षण दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अकाली नेतृत्व को कभी माफ नहीं किया जा सकता, क्योंकि वे कई पीढ़ियों के विनाश के लिए जिम्मेदार हैं। उनके लंबे कुशासन के दौरान नशे का व्यापार बड़े पैमाने पर बढ़ा-फूला।
उन्होंने आगे कहा कि इन नेताओं के हाथ लाखों युवाओं के खून से रंगे हुए हैं, जो इन नेताओं के सरकारी वाहनों के जरिए राज्य में सप्लाई किए जाने वाले नशों का शिकार हुए। उन्होंने कहा कि इन नेताओं के पाप माफ नहीं किए जा सकते और अकालियों को उनके कुकर्मों की लंबी सूची के लिए लोग कभी भी माफ नहीं करेंगे।
13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया
इस दौरान विधायी कार्रवाई की रूपरेखा पेश करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आप सरकार ने जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट, 2008 में संशोधन के लिए 13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। उन्होंने आगे कहा कि पवित्र ग्रंथ की बेअदबी की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को कम से कम 10 साल और उम्रकैद तक की सख्त सजा का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार ने कानून बनाने के लिए अनुभवी कानूनी विशेषज्ञों की सहायता ली है और इस संबंध में संत समाज से भी विचार-विमर्श किया जा रहा है।
अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये अवसरवादी नेता हैं, जो अपनी सुविधा और निजी राजनीतिक हितों के अनुसार गिरगिट की तरह रंग और रुख बदलते रहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हर कोई जानता है कि यह परिवार अंग्रेजों का समर्थक रहा है और देशभक्तों के खिलाफ अंग्रेजों का साथ देने के लिए इस परिवार को ‘सर’ की उपाधि से नवाजा गया था। उन्होंने आगे कहा कि इस परिवार ने 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड के दोषी जनरल डायर के लिए इस घिनौनी घटना के बाद रात के खाने की मेजबानी की थी।
उन्होंने कहा, “इस कार्रवाई ने उनकी देश-विरोधी और पंजाब-विरोधी मानसिकता को उजागर किया है।” उन्होंने आगे कहा, “सिर्फ यही नहीं, परिवार ने जनरल डायर को श्री हरिमंदिर साहिब में सिरोपा भेंट करने और माफी दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई थी।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “यह और भी हैरान करने वाली बात है कि सिरोपा भेंट करने वाले जत्थेदार अरूड़ सिंह, पूर्व लोकसभा सदस्य सिमरजीत सिंह मान के नाना थे।”
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