केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को पेश किए गए आम बजट को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक बार फिर पंजाब और पंजाबियों के साथ सौतेला व्यवहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट पंजाब की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता और राज्य के हितों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।
सीएम भगवंत मान ने कहा कि पंजाब देश का एक अहम और मेहनती राज्य है, जिसने हमेशा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, चाहे वह कृषि क्षेत्र हो, उद्योग हो या फिर राष्ट्रीय सुरक्षा। इसके बावजूद केंद्र सरकार के बजट में पंजाब के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया, जो बेहद निराशाजनक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई है। पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां की अर्थव्यवस्था काफी हद तक खेती पर निर्भर है। ऐसे में किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने के लिए बजट में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए थे, जो इस बार भी नजर नहीं आए।
इसके साथ ही भगवंत मान ने युवाओं के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि बजट में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने को लेकर कोई स्पष्ट योजना नहीं है। न ही उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेश आकर्षित करने के लिए टैक्स में कोई बड़ी राहत दी गई है, जिससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
सीएम ने यह भी कहा कि पंजाब पहले से ही आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है और ऐसे समय में केंद्र से विशेष सहयोग की उम्मीद थी, लेकिन बजट में राज्य की आर्थिक मजबूती के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
हालांकि, भगवंत मान ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार राज्य के हितों के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग मेहनती और उत्साही हैं और हम सब मिलकर पंजाब को दोबारा मजबूती से अपने पैरों पर खड़ा करेंगे। केंद्र सरकार से उम्मीद है कि वह भविष्य में पंजाब के साथ न्यायपूर्ण रवैया अपनाएगी और राज्य के विकास के लिए विशेष पैकेज की घोषणा करेगी।

