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महिला मामले में विपक्षी नेताओं की चुप्पी पर बलतेज पन्नू का सवाल

Baltej Pannu questions opposition leaders' silence on the issue concerning women.

Baltej Pannu questions opposition leaders' silence on the issue concerning women.

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चंडीगढ़ 23 सितंबर (Punjab Media Team)। आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया इंचार्ज Baltej Pannu ने बुधवार को अकाली दल (बादल) के नेताओं सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया, कांग्रेस नेताओं प्रताप सिंह बाजवा और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के साथ-साथ भाजपा नेताओं से एक महिला से जुड़े आरोपों और इस मामले में दर्ज एफआईआर पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये नेता रैलियों और राजनीतिक कार्यक्रमों में तो सक्रिय हैं, लेकिन इस घटना पर उठ रहे सवालों का जवाब देने के लिए आगे नहीं आए हैं।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आप के मीडिया इंचार्ज Baltej Pannu ने कहा, “अकाली दल (बादल) के नेता सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम मजीठिया, कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, साथ ही भाजपा नेताओं को भी इस मामले पर उठ रहे सवालों का जवाब देना चाहिए। वे रैलियों और राजनीतिक प्रोग्राम में तो सक्रिय रहते हैं, लेकिन जब एफआईआर और महिला के एसजीपीसी की साड़ी में रहने के बारे में सवालों का जवाब देने की बात आती है, तो वे चुप हो जाते हैं।”

उन्होंने कहा, “कांग्रेस और भाजपा के प्रतिनिधि इस मुद्दे पर टीवी पर होने वाली बहस में हिस्सा क्यों नहीं ले रहे हैं? अगर उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और उन्हें लगता है कि उनके पास पूरे पंजाब में उठ रहे सवालों के जवाब हैं, तो उन्हें आगे आकर जवाब देना चाहिए।”

महिला मामले में एफआईआर का हवाला देकर Baltej Pannu ने उठाए सवाल

आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने जिक्र किया, “एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी लगभग एक महीने बाद सामने आए, लेकिन मीडिया का सामना करने और सवालों के जवाब देने के बजाय, उन्होंने एक वीडियो स्टेटमेंट जारी किया। सवाल सीधा है: हरजिंदर सिंह धामी आगे आकर इस मामले पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब क्यों नहीं देते?”

उन्होंने कहा, “हरजिंदर सिंह धामी यह भी खुलासा करें कि एसजीपीसी के तहत कितने गुरुद्वारों में निकाले गए व्यक्तियों संबंधी बोर्ड लगाए गए हैं। उन्हें श्री आनंदपुर साहिब की सराय में हुई घटना से जुड़े सवालों के जवाब भी देने चाहिए।”

Baltej Pannu ने कहा, “एफआईआर के मुताबिक, अकाली दल बादल के नेता अमरजीत सिंह चावला इस मामले में आरोपी हैं। जनता जानना चाहती है कि कोई महिला एसजीपीसी द्वारा चलाई जा रही सराय में छह महीने से ज़्यादा कैसे रह सकती है? उसके रहने का इंतज़ाम किसने किया? कमरों का इंतज़ाम किसने किया? उसे एसजीपीसी का स्टाफ़ और दूसरी सुविधाएँ कथित तौर पर कैसे दी गईं? वीडियो ब्यान जारी करके इन सवालों से भागा नहीं जा सकता।

पुराने कथित घोटालों पर भी जवाब नहीं मिला, पन्नू ने उठाए सवाल

उन्होंने कहा, “हरजिंदर सिंह धामी को प्रेस के सामने आकर इन सवालों के जवाब देने चाहिए। ये सवाल कोई एक पत्रकार या टेलीविज़न चैनल नहीं उठा रहा है। ये सवाल पूरे पंजाब और सिख समुदाय के लोग उठा रहे हैं।”

Baltej Pannu ने कहा, “इससे पहले भी, जब सूखी रोटी, कोविड के समय की सब्ज़ी और घी में कथित गड़बड़ियों पर सवाल उठे थे, तो हरजिंदर सिंह धामी ने ऐसे मामलों को ‘छोटे-मोटे घोटाले’ बताया था जो होते रहते हैं। कथित गड़बड़ियों से जुड़ी फाइलें अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को भी सौंपी गईं, लेकिन सवाल अनसुलझे रहे।”

आप मीडिया इंचार्ज ने दावा किया, “ताज़ा घटना ने एसजीपीसी द्वारा चलाए जा रहे हॉस्टल के अंदर क्या हो रहा था और महिला को वहां रहने में किसने मदद की, इस पर और सवाल खड़े कर दिए हैं। एसजीपीसी प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसी स्थिति महीनों तक कैसे बनी रही और कमरा और सुविधाएं देने के लिए कौन ज़िम्मेदार था।”

सुखबीर-हरसिमरत की चुप्पी पर बलतेज पन्नू ने उठाए सवाल

Baltej Pannu ने महिला के पुलिस से संपर्क करने और एफआईआर दर्ज होने के बाद अकाली दल बादल के नेताओं के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “आरोपों और एफआईआर के आस-पास के हालात के बारे में सवालों के जवाब देने के बजाय, शिरोमणि अकाली दल के कुछ नेता टेलीविज़न चैनलों पर महिला पर पर्सनल और अपमानजनक कमेंट कर रहे हैं। जांच के ज़रिए सच सामने लाने पर ध्यान देना चाहिए, न कि महिला को टारगेट करने पर।”

उन्होंने आगे कहा, “महिला ने खुद कहा है कि उसने अपना फ़ोन पुलिस को सौंप दिया है और इन्वेस्टिगेटर से कहा है कि वे चैट, तस्वीरें या इन्वेस्टिगेशन से जुड़े दूसरे मटीरियल की जांच करें और उसे सार्वजनित करें। अगर केस से जुड़ी कोई सामग्री है, तो इसकी जांच करने के लिए दें तथ्यों को स्थापित करें।”

Baltej Pannu ने जिक्र किया, “सुखबीर सिंह बादल और हरसिमरत कौर बादल ने इस मुद्दे पर कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। बिक्रम मजीठिया और दूसरे विपक्ष के नेता भी चुप हैं। जनता को यह जानने का हक है कि महिला के रहने का इंतज़ाम किसने किया, कमरे और सुविधाएं किसने दीं, और इस मामले में अकाली दल बादल के अलग-अलग ऑफिस पदाधिकारी का क्या रोल था।”

एसजीपीसी प्रधान को संबोधित करते हुए, बलतेज पन्नू ने मांग की, “हरजिंदर सिंह धामी को यह साफ करना चाहिए कि उन्होंने पत्रकारों के सामने आने और सवाल लेने के बजाय वीडियो ब्यान जारी करने का रास्ता क्यों चुना। एसजीपीसी द्वारा चलाए जा रहे हॉस्टल के प्रशासन को जवाब देना होगा कि एक महिला छह महीने से ज़्यादा वहां कैसे रह सकती थी और इस इंतज़ाम में किसने मदद की।”

धार्मिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली और आज़ादी पर उठे सवाल

Baltej Pannu ने कहा कि इस घटना ने धार्मिक संस्थाओं के काम करने के तरीके और आज़ादी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा, “सिख समुदाय और पंजाब के लोगों को धार्मिक संस्थाओं के काम करने के तरीके के बारे में सवाल पूछने का पूरा हक है। इन संस्थाओं पर बादल परिवार के बहुत ज़्यादा कंट्रोल को लेकर गंभीर सवाल हैं। सिख बुद्धिजीवियों और पूरे पंजाबी समुदाय को इस मुद्दे पर बोलना चाहिए।”

Baltej Pannu ने कहा, “धार्मिक संस्थाएं सिख समुदाय की हैं और उनका काम करने का तरीका पारदर्शी और जवाबदेह होना चाहिए। धार्मिक संस्थाओं पर लंबे समय तक राजनीतिक कंट्रोल से लोगों का उन पर से भरोसा और कम हो सकता है।

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