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हरियाणा और यूपी से जुड़ा बाबा सिद्दीकी हत्याकांड का कनेक्शन

Baba Siddique Murder Case
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दशहरे के दिन आतिशबाजी करते वक्त तीन बदमाशों ने गोली मारकर की थी हत्या

चंडीगढ़। महाराष्टÑ के पूर्व मंत्री और एनसीपी (अजीत पवार गुट) नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या Baba Siddique Murder Case के मामले में रविवार को नया मोड आ गया। सिद्दीकी की हत्या में कई आरोपियों के शामिल होने की बात सामने आ रही है। बाबा के करीबी सूत्रों का कहना है कि हमलावरों के निशाने पर सिर्फ बाबा सिद्दीकी ही नहीं, उनका बेटा और कांग्रेस विधायक जीशान सिद्दीकी भी था। जानकारी के अनुसार बाबा सिद्दीकी शनिवार रात निर्मल नगर में कोलगेट ग्राउंड के पास उनके विधायक पुत्र जीशान सिद्दीकी के कार्यालय से घर जा रहे थे।

उस वक्त सड़क पर आतिशबाजी चल रही थी। इसी दौरान करीब दो दर्जन लड़कों का एक समूह आया और बाबा सिद्दीकी कहने लग कि क्या आप हमारे साथ दशहरा नहीं मनाएंगे? इस पर बाबा सिद्दीकी आतिशबाजी करने लगे। इसके पश्चात जब वे कार में आगे की सीट पर बैठने लगे तो पटाखों की आवाज के बीच 3 हमलावरों ने उनके ऊपर फायरिंग कर दी और हमलावर तितर-बितर हो गए थे। गंभीर हालत में बाबा सिद्दीकी को तुरंत लीलावती अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, बाबा सिद्दीकी को 15 दिन पहले जान से मारने की धमकी मिली थी, जिसके बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाकर वाई श्रेणी कर दी गई थी।

बेटा भी था निशाने पर, फोन कॉल की वजह से बच गई जान

सूत्रों ने कहा कि एक फोन काल की वजह से बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान की जान बच गई, वरना वो भी हमलावरों का निशाना बन जाते। आफिस से दोनों पिता-पुत्र एक साथ घर जाने के लिए निकले थे, लेकिन इसी बीच जीशान को एक फोन आ गया और वे फोन पर बात करते हुए आॅफिस में ही बैठ गए, जिसके चलते उनकी जान बच गई। बता दें कि जीशान बांद्रा से ही कांग्रेस विधायक हैं। वहीं मुंबई पुलिस ने इस मामले में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की पुष्टि की है।

पुलिस ने आरोपी धर्मराज और गुरमैल को गिरफ्तार किया है जबकि शिव फरार है। बताया जा रहा है कि उसे ही हत्या का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। शिव और धर्मराज यूपी के बहराइच के रहने वाले हैं, दोनों का कोई पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है। गुरमैल हरियाणा के कैथल जिले के गांव नरड का रहने वाला है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को उनके अपराध के लिए अग्रिम भुगतान किया गया था। हत्या में सहायता के लिए उन्हें कुछ दिन पहले हथियारों की आपूर्ति मिली थी। पुलिस फिलहाल हत्या के मामले में तीसरे अपराधी की तलाश कर रही है।

जांच में मदद के लिए फोरेंसिक टीमें भी घटनास्थल पर काम कर रही हैं। मामले की जांच के लिए शहर पुलिस ने पांच टीमें बनाई हैं। वहीं, तीसरे फरार आरोपी की पहचान हो गई है। बाबा सिद्दीकी पर कुल छह गोलियां चलाई गर्इं, जिनमें से तीन गोलियां उन्हें लगीं। कथित तौर पर इस वारदात में इस्तेमाल की गई 9.9 एमएम की बंदूक पुलिस ने बरामद कर ली है। लीलावती अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि उनके सीने पर दो गोलियां लगी थीं, लेकिन पोस्टमार्टम होने तक उनके सभी घावों के बारे में स्पष्ट तौर पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।

आधिकारिक बयान जारी

मुंबई पुलिस ने बाबा सिद्दीकी की हत्या की जांच की प्रगति पर एक आधिकारिक बयान जारी किया। इस संबंध में निर्मल नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ शस्त्र अधिनियम की धारा 3, 25, 5 और 27 और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37 और धारा 137 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

उल्लेखनीय है कि बाबा सिद्दीकी इस साल की शुरूआत में कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने के बाद हाल ही में अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) में शामिल हुए थे। बाबा सिद्दीकी बांद्रा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे, लेकिन 2014 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार आशीष शेलार से हार गए थे। उन्होंने 1992 से 1997 तक लगातार दो कार्यकालों के लिए नगर निगम में भी कार्य किया था। वर्ष 2000 की शुरूआत में कांग्रेस-राकांपा सरकार के दौरान, बाबा सिद्दीकी ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, श्रम, खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए), और उपभोक्ता संरक्षण राज्य मंत्री जैसे पदों पर कार्य किया था। बाबा सिद्दीकी के परिवार में उनके विधायक पुत्र जीशान बाबा सिद्दीकी, पुत्री डॉ. अर्शिया सिद्दीकी और पत्नी शहजीन सिद्दीकी हैं। राजनेता के शव को पोस्टमार्टम के लिए कूपर अस्पताल भेज दिया गया।

लॉरेंस गैंग ने ली हत्या की जिम्मेदारी

महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है। हत्याकांड के कुछ घंटे बाद कुख्यात बिश्नोई गिरोह की ओर से सोशल मीडिया एक पोस्ट किया गया। फिलहाल, केंद्रीय एजेंसियां ??इसकी सत्यता को लेकर जांच कर रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, यह पोस्ट शुबू लोंकर के फेसबुक अकाउंट से किया गया, जो बिश्नोई गिरोह का सहयोगी शुभम रामेश्वर लोंकर हो सकता है।

शुबू लोंकर के पोस्ट में लिखा गया, ‘‘सलमान खान हम ये जंग चाहते नहीं थे पर तुमने हमारे भाई का नुकसान करवाया। आज जो बाबा सिद्दीकी के शराफत के पुल्ल बंद रहे हैं, वो एक टाइम में दाऊद के साथ मकोका एक्ट में था। इसके मरने का कारण अनुज थापन और दाऊद को बॉलीवुड, राजनीति, प्रॉपर्टी डीलिंग से जोड़ना था। हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है, पर जो भी सलमान खान और दाऊद गैंग की हेल्प करेगा अपना हिसाब-किताब लगाके रखना। हमारे किसी भी भाई को कोई भी मरवाएगा तो हम प्रतिक्रिया जरूर देंगे। हमने पहले वार कभी नहीं किया।’’

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