चंडीगढ़, 29 जनवरी:
Vigilance Bureau Punjab ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जारी मुहिम के तहत, जिला शहीद Bhagat Singh Nagar के थाना औड़ में तैनात सहायक उप-निरीक्षक (ASI) प्रशोतम लाल को 30,000 रुपये रिश्वत मांगने और 15,000 रुपये रिश्वत लेने के आरोप में Arrest किया है। वह इस मामले में पिछले 4 महीनों से गिरफ्तारी से बच रहा था।
इस संबंध में जानकारी देते हुए Vigilance Bureau के प्रवक्ता ने बताया कि यह मामला शिकायतकर्ता देव राज, निवासी गांव गुड़ापड़, थाना औड़, जिला शहीद भगत सिंह नगर द्वारा मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पर दर्ज करवाई गई शिकायत की जांच के बाद दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो से संपर्क कर आरोप लगाया कि उक्त ASI उसके और उसके दो बेटों के खिलाफ थाना औड़ में दर्ज मामले में मदद करने के बदले 30,000 रुपये रिश्वत मांग रहा है। शिकायतकर्ता ने रिश्वत के लेन-देन संबंधी उक्त ASI प्रशोतम लाल से अलग-अलग तारीखों पर हुई बातचीत भी रिकॉर्ड कर ली थी।
30,000 रुपये रिश्वत की रखी थी मांग- Vigilance Bureau Punjab
विजीलैंस ब्यूरो द्वारा की गई जांच के दौरान उक्त आरोपी कर्मचारी द्वारा शिकायतकर्ता से 30,000 रुपये रिश्वत मांगने और अलग-अलग तारीखों पर 15,000 रुपये रिश्वत लेने के संबंध में लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद आरोपी एएसआई प्रशोतम लाल के खिलाफ विजीलैंस ब्यूरो के थाना जालंधर रेंज में भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 7 और भारतीय दंड संहिता की धारा 308(2) के तहत एफआईआर नंबर 22, दिनांक 30.09.2024 दर्ज की गई थी।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उक्त आरोपी एएसआई ने शिकायतकर्ता के माध्यम से थाना औड़ में दर्ज एक अन्य मामला नंबर 50, दिनांक 01.07.2024 के आरोपी अमनप्रीत उर्फ माने और मामला नंबर 58, दिनांक 24.07.2024 के आरोपी जोगा राम और हरजिंदर कौर से भी रिश्वत ली थी। गौरतलब है कि आरोपी एएसआई प्रशोतम लाल को आज अदालत में पेश कर एक दिन का रिमांड हासिल किया गया है। इस मामले की आगे की जांच जारी है।
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