लाइव होकर किया इस्तीफे का ऐलान
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने अचानक इस्तीफा देने का ऐलान किया है उन्होंने लाइव होकर यह इस्तीफे का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है अगर दिल्ली चुनाव में वह दोबारा जीतते हैं तो वह मुख्यमंत्री जरूर बनेंगे। वह दो दिन बाद इस्तीफा देंगे।
बता दें कि अब दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की कमान किसके हाथ होगी इसका निर्णय विधायक दल की अगली मीटिंग में होगा।
अरविंद केजरीवाल के अचानक दिए इस्तीफे से हिंदुस्तान की सियासत में बड़ा भूकंप आ गया है। इसके साथ ही सियासी गलियारों में हलचल मच गई है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत के बाद विपक्षी पार्टियों को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाना कठिन साबित होगा। वहीं आज आम आदमी पार्टी सहित दिल्ली की सियासत में घमासान मचने वाला है। क्योंकि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज अपने मुख्यमंत्री की कुर्सी इस्तीफा दे सकते हैं। अरविंद केजरीवाल द्वारा लिए जाने वाले इस फैसले को लेकर बड़े स्तर पर कयास लगाए जा रहे हैं कि ऐसा उनके द्वारा दिल्ली के विकास को देखते हुए किया जा रहा है इसके पीछे उन्हें मिली जमानत में लगी हुई शर्तें भी बताई जा रही हैं।
हालांकि इस सारी बातों से पर्दा खुद अरविंद केजरीवाल कुछ ही मिनट पश्चात 12 बजे उठाने जा रहे हैं उन्होंने 12 बजे देशभक्ति में अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करना है और इस दौरान ही वह यह ऐलान कर सकते हैं।
आखिर क्यों जरूरी माना जा रहा है इस्तीफा ?
अरविंद केजरीवाल द्वारा जेल में रहने के पश्चात भी मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा नहीं देने का फैसला इस बात को स्पष्ट कर रहा था कि वह खुद मुख्यमंत्री बने रहेंगे परंतु आखिर ऐसा क्या हुआ है कि जेल से बाहर आने के तुरंत पश्चात अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री की कुर्सी को छोड़ने के लिए तैयार हो गए हैं इसके पीछे मुख्य कारण सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई पाबंदियों को बताया जा रहा हैं।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा जब अरविंद केजरीवाल को जमानत दी गई थी तो उसमें यह शर्तें लगा दी गई थी कि वह मुख्यमंत्री के रूप में किसी भी तरह का ना ही फैसला ले सकते हैं और ना ही किसी भी तरह की मीटिंग कर सकते हैं। आम आदमी पार्टी के सूत्रों के अनुसार इन्हीं शर्तों के चलते अरविंद केजरीवाल द्वारा इस्तीफा दिया जा रहा है क्योंकि वह चाहते हैं कि इस तरह की रोक के कारण दिल्ली का विकास ना रुके इसलिए उनका इस्तीफा देना जरूरी माना जा रहा है।
दिल्ली में अगले साल है चुनाव
देश की राजधानी दिल्ली में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं तो ऐसे में चुनावी वर्ष को देखते हुए बड़े स्तर पर विकास करने के साथ-साथ दिल्ली वासियों को कई तरह के तोहफे देने का प्लान आम आदमी पार्टी की तरफ से बना रखा है परंतु बिना मुख्यमंत्री की मोर के लगे किसी भी तरह के फैसले को नहीं किया जा सकता है और ऐसे में कैबिनेट मीटिंग बुलाने का भी किसी मंत्री को अधिकार नहीं है जिसके चलते मुख्यमंत्री को बदलना जरूरी माना जा रहा है अगर कोई अन्य मुख्यमंत्री आएगा तो वह कैबिनेट मीटिंग को करने के साथ-साथ दिल्ली के संबंध में बड़े स्तर पर फैसला भी ले सकता है जिस कारण है अरविंद केजरीवाल का इस्तीफा मुख्य रूप से माना जा रहा है
आज आप कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे अरविंद केजरीवाल
सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पार्टी की गतिविधियों में रविवार से शामिल हो रहे हैं। केजरीवाल रविवार को पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। वह सुबह 11 बजे कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी करेंगे। सूत्रों ने बताया कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के मद्देनजर वह पार्टी के बड़े नेताओं के साथ बैठक भी करेंगे।
इससे पहले केजरीवाल ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी से मुलाकात कर उन्हें धन्यवाद किया। वह अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल के साथ सिंघवी के घर गए थे। इस अवसर पर केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई के मुकाबले मजबूती से अपना पक्ष रखने के लिए सिंघवी का शुक्रिया अदा किया।
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