चंडीगढ़, 22 सितंबर (Punjab Media Team)। पंजाब सरकार का ‘Yudh Nashean Virudh’ अभियान अब केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे की रोकथाम, आपूर्ति पर कार्रवाई, सामुदायिक भागीदारी, युवा जागरूकता और उपचार को जोड़ते हुए पांच सूत्रीय रणनीति के रूप में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान में पुलिस, शिक्षक, युवा, सामुदायिक स्वयंसेवक और स्वास्थ्यकर्मी मिलकर नशे के खिलाफ व्यापक स्तर पर काम कर रहे हैं। Anti-Narcotics Task Force
अभियान के तहत पुलिस द्वारा नशे की सप्लाई चेन पर कार्रवाई तेज की गई है। मार्च 2025 से सितंबर 2026 के बीच Anti-Narcotics Task Force (ANTF) ने 61,824 एफआईआर दर्ज कर 81,433 लोगों को गिरफ्तार किया। इस दौरान 3,918 किलोग्राम हेरोइन, 991 किलोग्राम अफीम, 47 टन पोस्त की भूसी, 1,416 किलोग्राम गांजा और 65 लाख टैबलेट व कैप्सूल बरामद किए गए। पंजाब पुलिस ने इसी अवधि में 79,293 जनसभाओं के माध्यम से लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया।
रोकथाम के स्तर पर 3,600 स्कूलों में 7.5 लाख विद्यार्थियों को 14 सप्ताह का नशा-विरोधी पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है। पहले चरण में 13 जिलों के करीब 25,000 शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की योजना है। अमृतसर, तरनतारन और फाजिल्का में 7,000 शिक्षक पहले ही संवेदनशील बनाए जा चुके हैं।
Anti-Narcotics Task Force ने नशा तस्करों पर कसा बड़ा शिकंजा
युवा एवं सहपाठी नेटवर्क के तहत खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, मानसिक स्वास्थ्य क्लबों और युवा नेतृत्व वाली पहलों को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए स्वस्थ विकल्प उपलब्ध हों।
सामुदायिक निगरानी को मजबूत करने के लिए सितंबर 2026 तक करीब 1.25 लाख सदस्य 15,000 ग्राम एवं वार्ड रक्षा समितियों से जुड़ चुके हैं। 50,000 से अधिक सदस्यों को ‘Addiction Recovery App’ के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया गया है। सेफ पंजाब व्हाट्सऐप हेल्पलाइन के माध्यम से अब तक 51,000 से अधिक सूचनाएँ प्राप्त हुई हैं, जिनके आधार पर 25,000 से अधिक गिरफ्तारियाँ की गई हैं।
स्वास्थ्य एवं पुनर्वास के क्षेत्र में पंजाब में 547 OOAT केंद्र, 219 नशामुक्ति केंद्र और 91 रिहैबिलिटेशन केंद्र कार्यरत हैं। सरकारी नशामुक्ति एवं रिहैबिलिटेशन केंद्रों में दाखिले 2024 के 12,200 से बढ़कर 2025 में करीब 34,000 हो गए, जो 170 प्रतिशत से अधिक वृद्धि है।
सरकार के अनुसार, ‘बिग 5’ रणनीति का उद्देश्य नशे की सप्लाई पर कार्रवाई के साथ रोकथाम, सामुदायिक भागीदारी और उपचार को एकीकृत कर नशे के खिलाफ लड़ाई को गांवों, स्कूलों, कॉलेजों और स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाना है।
यह भी पढ़े :- धूरी से AAP का डोर-टू-डोर अभियान शुरू, ‘Mann Da Munafa’ पर जोर

