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SGPC प्रधान Harjinder Singh Dhami की CBI जांच मांग पर AAP ने मांगा जवाब

AAP seeks response to SGPC President Harjinder Singh Dhami demand for a CBI probe.

AAP seeks response to SGPC President Harjinder Singh Dhami demand for a CBI probe.

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चंडीगढ़ 1 अक्टूबर (Punjab Media Team)। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने गुरुवार को एसजीपीसी प्रधान Harjinder Singh Dhami की श्री आनंदपुर साहिब में एसजीपीसी द्वारा चलाए जा रही सराय में एक महिला के आठ महीने तक रहने की सीबीआई जांच की मांग पर सवाल उठाया और पूछा कि एसजीपीसी पंजाब पुलिस के साथ सहयोग करने से क्यों भाग रही है, जो पहले से ही मामले की जांच कर रही है। आप पंजाब मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि किसी दूसरी एजेंसी से जांच की मांग करने के बजाय, हरजिंदर सिंह धामी को महिला के रहने से जुड़े बेसिक सवालों के जवाब देने चाहिए और एसजीपीसी के पास मौजूद सभी ज़रूरी रिकॉर्ड पंजाब पुलिस को देने चाहिए।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा, “हरजिंदर सिंह धामी, जो खुद को ‘सुखबीर सिंह बादल का सिपाही’ मानते हैं, इस मामले में उठाए गए बेसिक सवालों का जवाब देने में फेल रहे हैं और अब पंजाब पुलिस को ज़रूरी रिकॉर्ड देने के बजाय सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। मुख्य सवाल यह हैं कि महिला को श्री आनंदपुर साहिब क्यों लाया गया, उसके रहने का इंतज़ाम किसने किया, वह आठ महीने तक वहां क्यों रही, और एसजीपीसी ने उसे गाड़ी, अटेंडेंट और दूसरे खर्चे क्यों दिए?”

आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा कि हरजिंदर सिंह धामी एसजीपीसी अकाउंट से महिला के अकाउंट में 1 लाख रुपये ट्रांसफर होने के बारे में भी कोई सफाई नहीं दे पाए हैं, जिसे पहले ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया जा चुका है। उन्होंने कहा, “जब संस्था के पास खुद तथ्य साबित करने के लिए ज़रूरी रिकॉर्ड हैं, तो एसजीपीसी सीबीआई जांच की मांग क्यों कर रही है?

AAP ने SGPC प्रधान Harjinder Singh Dhami की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर उठाए कई सवाल

उन्होंने कहा कि एसजीपीसी को पंजाब पुलिस को महिला को दी गई गाड़ी, उसके साथ तैनात सेवादार, उसके रहने पर हुए खर्च और उससे जुड़े सभी फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की पूरी डिटेल्स देनी चाहिए।

बलतेज पन्नू ने सवाल उठाया कि एसजीपीसी प्रधान पंजाब पुलिस की जांच को आगे बढ़ने देने के बजाय सीबीआई जांच की मांग क्यों कर रहे हैं।

2015 में बेअदबी के मामलों में सीबीआई की पहली जांच का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केस जांच एजेंसी को सौंपने के बाद, सीबीआई ने आखिरकार क्लोजर रिपोर्ट फाइल कर दी थी। उन्होंने कहा कि इस अनुभव से यह सवाल उठता है कि क्या मौजूदा केस को किसी दूसरी एजेंसी को सौंपने से यह मामला भी पीछे चला जाएगा। उन्होंने कहा, “इस केस को किसी दूसरी एजेंसी को सौंपकर इसे आसानी से साइडलाइन नहीं किया जा सकता। श्री आनंदपुर साहिब की सराय में जो हुआ, उस पर गंभीर सवाल हैं, और उन सवालों के लिए पारदर्शिता और जवाब चाहिए।”

बलतेज पन्नू ने अकाली दल (बादल) के नेता बंटी रोमाना के बयानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बंटी रोमाना ने दावा किया था कि महिला सुखबीर सिंह बादल के पास गई थी और उसे पुलिस के पास जाकर एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा गया था। उन्होंने पूछा, “अगर अकाली दल (बादल) लीडरशिप चाहती थी कि महिला पुलिस के पास जाए और एफआईआर दर्ज कराए, तो अब सीबीआई को इस मामले के लिए सही एजेंसी के तौर पर क्यों पेश किया जा रहा है? अगर सीबीआई पसंदीदा एजेंसी थी, तो उसे पहले वहां क्यों नहीं भेजा गया?”

AAP ने SGPC से जुड़े पुराने विवादों का हवाला देकर उठाए सवाल

आप पंजाब मीडिया इंचार्ज ने एसजीपीसी प्रधान Harjinder Singh Dhami की हाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस मामले से जुड़े कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं। उन्होंने कहा, “Harjinder Singh Dhami एसजीपीसी के अपने रिकॉर्ड, फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और महिला के लिए किए गए इंतज़ामों के बारे में सवालों से बचते हुए बार-बार सीबीआई जांच की मांग नहीं कर सकते। एसजीपीसी के पास रिकॉर्ड हैं। उसे इसे पंजाब पुलिस को सौंप देना चाहिए और जांच को सच सामने लाने देना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि यह मामला एसजीपीसी से जुड़े पहले उठाए गए दूसरे विवादों और कथित घोटालों से अलग है, जिसमें सूखी रोटी, सब्जी, घी और बिल्डिंग से जुड़े विवाद शामिल हैं। उन्होंने कहा, “यह ऐसा मुद्दा नहीं है जिसे धूल की परत चढ़ाकर दबाया जा सके। श्री आनंदपुर साहिब जैसी पवित्र जगह पर हुई घटना को लेकर सिख समुदाय में बहुत चिंता है।”

बलतेज पन्नू ने कहा कि सिख बुद्धिजीवी और युवा इस मामले पर सवाल उठा रहे हैं और उनकी चिंताओं को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।

बालतेज पन्नू ने सराय के सभी रजिस्टर और अकाउंट सार्वजनिक करने को कहा

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सोशल मीडिया पर महिलाओं को टारगेट करने और परेशान करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा, “अगर एसजीपीसी को लगता है कि कोई गड़बड़ी नहीं हुई है, तो पंजाब पुलिस को हर ज़रूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड देने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। पारदर्शिता से ही सच सामने आएगा।”

बलतेज पन्नू ने कहा कि अगर Harjinder Singh Dhami को लगता है कि गड़बड़ियां हुई हैं, तो एसजीपीसी को तुरंत सराय के सभी ज़रूरी रजिस्टर, अकाउंट डिटेल्स और गाड़ियों, सेवादारों और खर्चों से जुड़े रिकॉर्ड पंजाब पुलिस को सौंप देने चाहिए। उन्होंने कहा, “सीबीआई जांच के ज़रिए इस मामले को छिपाने की कोशिश करने के बजाय, एसजीपीसी को अपने सभी रिकॉर्ड पंजाब पुलिस को सौंप देने चाहिए और जांच से सच सामने आने देना चाहिए।

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