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श्री आनंदपुर साहिब में बनेगी ‘Sri Guru Teg Bahadur University’

Punjab Media

‘पंजाब उद्योग क्रांति’ के तहत औद्योगिक और व्यापार विकास नीति-2026 को हरी झंडी

चंडीगढ़, 7 मार्च (Punjab Media Team)। राज्य में उच्च शिक्षा को मजबूत करने, औद्योगिक विकास को गति देने और प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann की अगुवाई में पंजाब मंत्रिमंडल ने एक अहम फैसला लिया है। कैबिनेट ने आज Sri Anandpur Sahib में “Sri Guru Teg Bahadur University” नाम से एक विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय स्थापित करने को मंजूरी दे दी। यह विश्वविद्यालय राज्य में उच्च शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने और युवाओं को आधुनिक तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा एक और बड़ा फैसला लेते हुए सरकारी कॉलेजों में 1158 सहायक प्रोफेसरों और लाइब्रेरियन की भर्ती को भी हरी झंडी दी गई। सरकार का मानना है कि लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने से कॉलेजों में पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर होगी और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा।

इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि कैबिनेट ने विश्वविद्यालय की स्थापना से जुड़े ड्राफ्ट बिल को भी मंजूरी प्रदान कर दी है। इस बिल के माध्यम से प्रस्तावित विश्वविद्यालय को एक विश्व स्तरीय शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित करने की रूपरेखा तैयार की गई है, जहां आधुनिक शिक्षा, शोध और नवाचार को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

Sri Guru Teg Bahadur University से इलाके के आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी मिलेगा बढ़ावा

कैबिनेट ने यह भी फैसला लिया कि विश्वविद्यालय की स्थापना से संबंधित सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हों, इसके लिए आवश्यक निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann को अधिकृत किया गया है। इससे परियोजना से जुड़े प्रशासनिक और कानूनी कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

सरकार का मानना है कि Sri Anandpur Sahib में बनने वाला यह विश्वविद्यालय न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा केंद्र बनेगा, बल्कि इससे इलाके के आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। विश्वविद्यालय के स्थापित होने से स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे, वहीं शोध, नवाचार और कौशल विकास के नए रास्ते भी खुलेंगे।

इसके अलावा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े शैक्षणिक संस्थान बनने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और आसपास के इलाकों में बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति मिलेगी। राज्य सरकार इसे पंजाब में शिक्षा सुधार और युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देख रही है।

नई औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 को मंजूरी

मंत्रिमंडल ने ‘पंजाब उद्योग क्रांति’ के तहत औद्योगिक और व्यापार विकास नीति-2026 को भी मंजूरी दे दी है। इस नीति में सेक्टर आधारित नीतियां, विस्तृत योजनाएं और दिशानिर्देश शामिल हैं।

इस नीति का उद्देश्य राज्य में वित्तीय रियायतें, क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और उभरते उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए एक व्यापक और संरचित व्यवस्था स्थापित करना है। इससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और पंजाब को उच्च आर्थिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाने की उम्मीद है।

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