881 आम आदमी क्लीनिकों में मुफ्त दवाइयाँ और टेस्ट; ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या 4.7 करोड़ दर्ज : Gulab Chand Kataria
पंजाब सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, बुनियादी ढांचा, निवेश और जनकल्याण के प्रयासों का व्यापक विस्तार किया : Gulab Chand Kataria
चंडीगढ़, 6 मार्च (Punjab Media Team)। पंजाब के राज्यपाल Gulab Chand Kataria ने आज राज्य सरकार की पंजाब और पंजाबियों के प्रति समर्पित भावना और ईमानदारी से सेवा करने की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि पंजाब सरकार एक गतिशील और प्रगतिशील ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण के उद्देश्य से राज्य को विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाने के लिए समर्पित भावना के साथ कार्य कर रही है।
16वीं पंजाब विधानसभा के बारहवें बजट सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल Gulab Chand Kataria ने स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, कृषि, बुनियादी ढांचे, शासन व्यवस्था, जनकल्याण, उद्योग और सार्वजनिक सेवाओं के क्षेत्र में पंजाब सरकार द्वारा किए गए विभिन्न प्रयासों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पंजाब सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा, “पंजाब सरकार एक मजबूत, समग्र और जन-केंद्रित स्वास्थ्य व्यवस्था स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो 23 जिला अस्पतालों, 42 उप-डिवीजनल अस्पतालों, 162 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, 523 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, 881 आम आदमी क्लीनिकों और 2453 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही है। यह व्यवस्था राज्य के प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
पंजाब में मरीजों की 2025–26 में यह संख्या दो करोड़ से भी हो चुकी है अधिक : Gulab Chand Kataria
Gulab Chand Kataria आगे कहा, “पंजाब भर में 881 आम आदमी क्लीनिकों में 107 प्रकार की दवाइयाँ और 47 प्रकार के टेस्ट मुफ्त उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब तक ओपीडी में 4.7 करोड़ से अधिक लोग इन सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं, जिनमें 1.55 करोड़ गंभीर बीमारियों के मरीज शामिल हैं। वर्ष 2025–26 में यह संख्या दो करोड़ से भी अधिक हो चुकी है। इसके अतिरिक्त 240 नए आम आदमी क्लीनिक जल्द ही शुरू किए जाएंगे।”
राज्यपाल ने कहा, “पंजाब में आम आदमी क्लीनिकों में शुरू की गई मातृ एवं शिशु देखभाल सेवाओं ने मातृ मृत्यु दर को 105 से घटाकर 90 करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जो सुरक्षित मातृत्व के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके अलावा, इन क्लीनिकों में रेबीज विरोधी टीकाकरण सेवाएं भी शुरू की गई हैं।”
स्वास्थ्य कर्मियों की मजबूती पर जोर देते हुए राज्यपाल ने कहा, “पंजाब सरकार ने इतिहास में डॉक्टरों की अब तक की सबसे बड़ी भर्ती की है। वर्ष 2022 से अब तक सरकारी अस्पतालों के लिए 934 डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है, जो वर्तमान में राज्य में कार्यरत कुल डॉक्टरों का लगभग 25 प्रतिशत है।”
400 विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती और सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू
उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार लगभग 400 विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती और सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है, जो विशेषज्ञ सेवाओं के सबसे बड़े विस्तार को दर्शाता है। इसी प्रकार 400 नर्सिंग स्टाफ की भर्ती लगभग पूरी हो चुकी है, जबकि 500 अतिरिक्त पदों की भर्ती की प्रक्रिया जारी है।”
व्यापक स्वास्थ्य कवरेज का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा, “पंजाब सरकार ने ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत राज्य की पूरी आबादी को 100 प्रतिशत स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था लागू की है। इस योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से 2356 मेडिकल और सर्जिकल प्रक्रियाओं के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। पंजाब और चंडीगढ़ में ऐसे अस्पतालों की संख्या लगभग 900 है।”
उन्होंने आगे कहा, “इस योजना के तहत प्रत्येक पंजाबी को कैशलेस इलाज के लिए स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया जाएगा।”
सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं के बारे में बोलते हुए राज्यपाल ने कहा, “पंजाब सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को समय पर सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से ‘फरिश्ते’ और ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ की शुरुआत की है। ‘फरिश्ते’ योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है और घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने में मदद करने वाले परोपकारी नागरिकों को 2,000 रुपये और प्रशंसा प्रमाणपत्र भी दिया जाता है। इस पहल के माध्यम से अब तक 600 से अधिक सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर सहायता मिल चुकी है।”
पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज को शुरू करके उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की ऐतिहासिक पहल की
तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज को शुरू करके उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की ऐतिहासिक पहल की है। दिसंबर 2025 में पहले सफल लिवर ट्रांसप्लांट के साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के अंतर्गत लिवर ट्रांसप्लांट सेवाएं औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “मई 2026 से सरकारी मेडिकल कॉलेज पटियाला और सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर में किडनी ट्रांसप्लांट सेवाएं शुरू करने की योजना है, जो स्वास्थ्य सेवाओं में एक नया मील का पत्थर साबित होगा।”
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा, “‘सीएम दी योगशाला’ एक अनूठी पहल है, जिसके अंतर्गत राज्य के विभिन्न शहरों में प्रतिदिन लगभग 5000 प्रशिक्षकों की निगरानी में योग कक्षाएं आयोजित की जाती हैं, जिनमें करीब 1.5 लाख लोग भाग लेते हैं।”
नशे की समस्या पर बोलते हुए राज्यपाल ने कहा, “पंजाब सरकार ने राज्य में नशे की समस्या और तस्करी से निपटने के लिए ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान शुरू किया है।” उन्होंने आगे बताया कि इस अभियान के तहत नशा मुक्ति सेवाओं को सुलभ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पूरे पंजाब में 548 ओओटी क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा उपचार और पुनर्वास के लिए 36 सरकारी तथा 177 निजी नशा मुक्ति केंद्र, और 19 सरकारी तथा 74 निजी पुनर्वास केंद्र कार्यरत हैं। कैदियों की देखभाल सुनिश्चित करने के लिए 19 जेलों में भी नशा मुक्ति सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
पंजाब कैंसर राहत कोष योजना के तहत कैंसर का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया
उन्होंने आगे कहा कि इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत से अब तक 10.63 लाख से अधिक मरीजों का पंजीकरण किया गया है और उन्हें नशा मुक्ति तथा पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से उपचार प्रदान किया गया है।
कैंसर रोगियों को दी जा रही सहायता के बारे में जानकारी देते हुए राज्यपाल ने बताया कि पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य है, जहाँ मुख्यमंत्री पंजाब कैंसर राहत कोष योजना के तहत कैंसर का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 957 करोड़ रुपये की राशि से 74,000 से अधिक कैंसर मरीजों को सहायता प्रदान की जा चुकी है।
आपदा प्रबंधन के संबंध में उन्होंने बताया कि हाल ही में आई बाढ़ के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक मेडिकल कैंप और विशेष जनस्वास्थ्य अभियान चलाए गए थे। इन अभियानों के अंतर्गत फॉगिंग, आशा वर्करों द्वारा घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएँ देना और दवा किटों का वितरण शामिल था। इसके अतिरिक्त 2300 से अधिक गांवों में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से 8 लाख से अधिक मरीजों की जांच की गई, ताकि संकट की स्थिति में समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें और बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित हो सके।
शिक्षा सुधारों को रेखांकित करते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने बताया कि पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत अप्रैल 2022 से अब तक 13,765 शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि पांच दिवसीय नेतृत्व विकास कार्यक्रम के अंतर्गत 234 प्रिंसिपलों और शिक्षा अधिकारियों के सात बैचों को सिंगापुर, 199 हेडमास्टरों के चार बैचों को आईआईएम अहमदाबाद तथा 144 प्राथमिक कैडर शिक्षकों के दो बैचों को तुर्कू (फिनलैंड) प्रशिक्षण के लिए भेजा गया।
नेशनल अचीवमेंट सर्वे-2024 में पंजाब एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरा
उन्होंने बताया कि नेशनल अचीवमेंट सर्वे-2024 में पंजाब एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है। स्कूलों में सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए लगभग 160 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही 118 सरकारी स्कूलों को अत्याधुनिक ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
सिंचाई और कृषि के विषय में जानकारी देते हुए राज्यपाल ने कहा कि सभी किसानों तक नहरी पानी की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार ने लगभग 787 करोड़ रुपये के निवेश से 3,443 किलोमीटर नए खालों और भूमिगत पाइपलाइनों के निर्माण की योजना बनाई है। इनमें से 2,650 किलोमीटर कार्य पहले ही पूरा हो चुका है।
उन्होंने आगे बताया कि पंजाब सरकार ने 4,557 करोड़ रुपये की लागत से 2,600 किलोमीटर नहरों की लाइनिंग का कार्य पूरा कर लिया है। इसके परिणामस्वरूप पहली बार लगभग 1,365 स्थानों तक नहरी पानी पहुंच सका है, जिनमें से 465 स्थानों तक वर्ष 2025 में पानी पहुंचाया गया। लंबे समय से लंबित सरहिंद फीडर नहर की रीलाइनिंग परियोजना भी अब पूरी हो चुकी है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने आगे बताया कि कंडी क्षेत्र के अर्ध-पर्वतीय इलाकों को पहली बार नहरी पानी उपलब्ध कराने के लिए पंजाब सरकार ने 28 नई लिफ्ट सिंचाई योजनाओं की पहचान की है, जिनमें से 15 योजनाएँ पहले ही शुरू की जा चुकी हैं।
अनुशंसित बीटी कॉटन हाइब्रिड बीजों पर 33 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की
किसानों को दी जा रही सहायता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान पंजाब सरकार ने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना द्वारा अनुशंसित बीटी कॉटन हाइब्रिड बीजों पर 33 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की है।
इसके अतिरिक्त खरीफ (सावनी) मौसम में मक्का के रकबे को बढ़ाने के लिए पठानकोट, गुरदासपुर, बठिंडा, संगरूर, जालंधर और कपूरथला जिलों में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, जिसके अंतर्गत किसानों को प्रति एकड़ 17,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है।
उन्होंने आगे बताया कि पंजाब सरकार ने इस वर्ष गन्ने के मूल्य में पिछले वर्ष की तुलना में 15 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। आगामी पेराई सत्र के लिए राज्य सरकार 416 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गन्ने का मूल्य दे रही है, जो देश में गन्ना किसानों को दी जाने वाली सबसे अधिक कीमत है।
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