घग्गा/पटियाला, 24 अगस्त (Punjab Media Team)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पटियाला जिले के गांव देधना से विभिन्न जिलों में स्थापित किए गए 509 से अधिक आधुनिक ‘Rural Sports Grounds’ का उद्घाटन करके जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके साथ ही अब तक युवाओं को समर्पित किए गए खेल मैदानों की कुल संख्या 734 हो गई है। उन्होंने कहा कि यह पहल गांवों के युवाओं को विश्व स्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाएगी और ‘नशों से दूर रहने तथा खेलों से जुड़ने’ के संदेश को प्रोत्साहित करते हुए नशों के खिलाफ सरकार की लड़ाई को और मजबूत करेगी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार इस वर्ष पंजाब भर में 1,744 करोड़ रुपये के खेल बजट से 3,100 ग्रामीण खेल मैदान विकसित कर रही है, जिसमें विशेष रूप से इन मैदानों के लिए 1,500 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके साथ ही खिलाड़ियों को प्रशिक्षण एवं तैयारी के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के अलावा गांवों में 6,000 जिम स्थापित करने का काम भी युद्ध स्तर पर जारी है।
पंजाब भर में 3,100 आधुनिक ग्रामीण खेल मैदान विकसित करने की राज्य सरकार की योजना के दूसरे चरण के तहत युवाओं को खेल मैदान समर्पित करने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और जमीनी स्तर पर विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से पंजाब स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 255 ग्रामीण खेल मैदान समर्पित करने के बाद आज हम 509 और ग्रामीण खेल मैदान लोगों को समर्पित कर रहे हैं।”
Rural Sports Grounds में वॉलीबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1,500 करोड़ रुपये के बजट से पंजाब भर में आधुनिक सुविधाओं से लैस 3,100 ग्रामीण खेल मैदान तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे बताया, “दूसरे चरण में समर्पित किए जा रहे 509 Rural sports grounds में से 43 लुधियाना, 41 मानसा, 36 संगरूर, 34-34 बठिंडा और पटियाला, 33 श्री मुक्तसर साहिब, 32 अमृतसर में तथा बाकी अन्य जिलों के गांवों को समर्पित किए गए हैं।”
उन्होंने जोर देकर कहा, “ये ग्रामीण खेल मैदान ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान में महत्वपूर्ण योगदान देंगे और हमारे युवाओं को ‘नशों से दूर रहने तथा खेलों से जुड़ने’ का संदेश देंगे। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली और उभरते खिलाड़ियों के लिए ये मैदान उम्मीद और अवसरों की किरण बनेंगे।”
उन्होंने बताया कि Rural sports grounds में वॉलीबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट और अन्य लोकप्रिय पारंपरिक खेलों के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी विभिन्न खेल एवं मनोरंजक गतिविधियां आयोजित करेगी, ताकि खेल और शारीरिक गतिविधियां प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का अभिन्न अंग बन सकें। उन्होंने कहा, “ये मैदान गांवों में आपसी सद्भाव और एकता के प्रतीक बनेंगे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यदि किसी बच्चे के पास पढ़ाई के लिए अच्छा स्कूल और शारीरिक विकास के लिए उपयुक्त खेल मैदान हो, तो वह बच्चा विश्व स्तर पर गांव, पंजाब और देश का नाम रोशन कर सकता है। यह बड़े गर्व और संतोष की बात है कि हम शिक्षा और खेलों के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवा रहे हैं।
मुख्यमंत्री बोले, गांवों में लोकप्रिय खेलों के अनुसार खिलाड़ियों को जरूरी किट मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इन Rural sports grounds को आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस किया जा रहा है, जिसमें रात के समय खेल गतिविधियों के लिए हाई-मास्ट (बड़ी) लाइटें, वॉकिंग ट्रैक के साथ फुटलाइटें, मजबूत जालियों की बाड़ और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही हरे-भरे और स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देने के लिए खेल मैदानों के आसपास पौधे भी लगाए जा रहे हैं।”
CM ने कहा कि इन खेल मैदानों में फुटबॉल के गोलपोस्ट, वॉलीबॉल के पोल, बच्चों के लिए झूले और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा, “प्रत्येक गांव में लोकप्रिय खेल के अनुसार खिलाड़ियों को खेल सामग्री उपलब्ध करवाई जा रही है। यदि किसी विशेष गांव में क्रिकेट लोकप्रिय है, तो वहां विशेष रूप से क्रिकेट किट उपलब्ध करवाने के साथ-साथ अन्य लोकप्रिय खेलों की आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध करवाई जाएगी।”
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने वर्ष 2026 को खेलों और खिलाड़ियों के लिए समर्पित किया है। उन्होंने कहा, “इस वर्ष पंजाब में 3,100 ग्रामीण खेल मैदान तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही 6,000 ग्रामीण जिम भी स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें से 500 का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ का चौथा सीजन 5 सितंबर से बठिंडा से शुरू होगा, जिसमें अनुमानित 10 लाख खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि पहली बार पंजाब हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी कर रहा है, जिसके मैच अक्टूबर-नवंबर के दौरान जालंधर और मोहाली में करवाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब के लोगों को अपनी ही धरती पर अपने हॉकी सितारों को खेलते देखने का अवसर मिलेगा। पंजाब में आई.पी.एल. की तर्ज पर एक टी-20 क्रिकेट लीग भी करवाई जा रही है, जो 30 अगस्त से 13 सितंबर तक पी.सी.ए. स्टेडियम, मोहाली में खेली जाएगी।”
पंजाब की नई खेल नीति से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता मिल रही
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि खेल पंजाब की गौरवशाली विरासत और समृद्ध संस्कृति का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा, “2023 में नई खेल नीति लाई गई थी, जिसके तहत खेल बजट में वृद्धि की गई है और खिलाड़ियों को प्रशिक्षण एवं तैयारी के लिए नकद पुरस्कार तथा वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। पंजाब के इतिहास में पहली बार खेलों के लिए 1,744 करोड़ रुपये का समर्पित बजट आवंटित किया गया है।” उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक 40,415 खिलाड़ियों को 135 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि खिलाड़ियों को तैयारी के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध करवाई जा रही है, जिसमें ओलंपिक की तैयारी के लिए 15 लाख रुपये तथा एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के लिए 8 लाख रुपये शामिल हैं। उन्होंने कहा, “85 खिलाड़ियों को महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है, जबकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब का नाम रोशन करने वाले 11 खिलाड़ियों को पी.सी.एस./डी.एस.पी. अधिकारी नियुक्त किया गया है।”
CM ने कहा कि उनकी सरकार के खेल प्रयासों का उद्देश्य पंजाब भर में एक मजबूत खेल इकोसिस्टम तैयार करना, जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को मजबूत करना और युवाओं को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद और डॉ. बलबीर सिंह भी उपस्थित थे।
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