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देश की आज़ादी के संघर्ष के दौरान पंजाबियों ने सबसे ज़्यादा कुर्बानियां दीं: संजीव अरोड़ा

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देश की आज़ादी के लिए चली विभिन्न आंदोलनों और शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव, सरदार करतार सिंह सराभा, शहीद ऊधम सिंह, मदन लाल ढींगरा, लाला लाजपत राय, दीवान सिंह कालेपानी और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा समय-समय पर छेड़े गए संघर्षों के कारण ही आज हम एक आज़ाद मुल्क के नागरिक हैं। हमें गर्व है कि देश के आज़ादी संघर्ष के दौरान पंजाबियों ने सबसे ज़्यादा कुर्बानियां दी हैं।

ये विचार कैबिनेट मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने आज यहां पुलिस लाइन स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान संबोधन करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों द्वारा मिले अपार प्रेम के कारण मुख्यमंत्री बने स भगवंत सिंह मान ने जहां अपने पद की शपथ शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड कलां में ली, वहीं यह भी फैसला किया कि सरकारी दफ्तरों में शहीद भगत सिंह और संविधान निर्माता बाबा साहिब डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें लगाई जाएं। मोहाली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम भी शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा गया और वहां शहीद भगत सिंह की प्रतिमा भी लगाई गई।

आम आदमी क्लीनिकों का विस्तार, नई एम्बुलेंसें, मुफ्त बिजली, ईजी रजिस्ट्री, आज़ादी के बाद पहली बार पंजाब के सभी गांवों के तालाबों की सफाई, टेलो तक पानी पहुंचाना, नशे के खिलाफ युद्ध, भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान, ग्रामीण खेल मैदानों का निर्माण, खिलाड़ियों को नौकरी और बड़े खेल मुकाबलों से पहले तैयारी भत्ता देना, सभी के लिए 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा और उद्योगों के विकास के लिए उद्योगपतियों की समितियों का गठन — ऐसे फैसले हैं, जिनसे पंजाब तरक्की की नई इबारत लिखने की ओर बढ़ रहा है।

इस साल श्री गुरु तेग बहादर साहिब का 350वां शहादत दिवस पंजाब सरकार बड़े स्तर पर मना रही है। 19 नवंबर से 25 नवंबर तक राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वन विभाग की पहल के तहत ‘श्री गुरु तेग बहादुर जी हरियावल संकल्प’ के अंतर्गत 2025-26 में प्रत्येक जिले में 3.50 लाख पौधे लगाने की योजना है। इसके अलावा ‘श्री गुरु तेग बहादर पवित्र वन’ योजना के तहत 52 ‘पवित्र वन’ स्थापित किए जाएंगे।

पंजाब सरकार ने मौजूदा धान सीज़न के दौरान किसानों को 08 घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की है। पंजाब ने नेशनल अचीवमेंट सर्वे (एन.ए.एस.) 2024 में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए केरल जैसे राज्यों को पछाड़कर पहला स्थान हासिल किया है। शिक्षा के स्तर को और ऊंचा उठाने के लिए 118 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ में बदला जा रहा है।

“युद्ध नशों विरुद्ध” मुहिम के तीसरे चरण के अंतर्गत सभी सरकारी स्कूलों में 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए एक अनूठा नशा रोकथाम पाठ्यक्रम शुरू किया गया है, जिसके तहत लगभग 8 लाख विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव और नशे से बचाव के बारे में जानकारी दी जा रही है। पंजाब सरकार ने 115 सरकारी स्कूलों का नाम स्वतंत्रता सेनानियों, शहीदों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाने वाली हस्तियों के नाम पर रखा है।

पंजाब सरकार ने “बिज़नेस ब्लास्ट” कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके तहत 11वीं–12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को उद्यमी बनाने और अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। विद्यार्थियों को 10.32 करोड़ रुपये की सीड मनी दी गई। राज्य में पहली बार रोपड़ में “बिज़नेस ब्लास्ट एक्सपो” आयोजित की गई।


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